ईडी के मुकदमे को खारिज किया सुप्रीम कोर्ट ने…//मोदी सरकार “चुनावी बाँड “फर्जी योजना की मुख्य लाभार्थी है -मल्लिकार्जुन

Share

 शिवकुमार के खिलाफ ईडी का मुकदमा रद्द 
नयी दिल्ली, 05 मार्च (वार्ता)उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के खिलाफ 2018 के धनशोधन के एक मुकदमे की कार्यवाही को मंगलवार को रद्द कर दी। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता उप मुख्यमंत्री शिवकुमार और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी रखने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के अगस्त 2019 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पारित किया।
शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ईडी को अपनी जांच जारी रखने की अनुमति
दी गई थी।ईडी ने श्री शिवकुमार को समन जारी किया था, जिसे उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।
ईडी ने 2017 में आयकर छापे के दौरान श्री शिवकुमार से कथित तौर पर जुड़े दिल्ली के परिसरों से लगभग सात
करोड़ रुपए नकद जब्त किए जाने की सूचना के बाद 2018 में उनके खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था।ईडी के कई दिनों की पूछताछ के बाद सितंबर 2019 में कांग्रेस नेता शिवकुंमार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2019 में उन्हें जमानत दे दी थी।

मोदी सरकार “चुनावी बाँड “फर्जी योजना की मुख्य लाभार्थी है -मल्लिकार्जुन

     मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कहा कि चुनावी बाँड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की भ्रष्टाचारी योजना थी जिसे उच्चतम न्यायालय ने रद्द करके असंवैधानिक और अवैध करार दिया है लेकिन सरकार इस मामले में शीर्ष अदालत के फैसले को विफल करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का इस्तेमाल कर रही है।
श्री खड़गे ने आज कहा,”मोदी सरकार चुनावी बाँड के माध्यम से अपने संदिग्ध लेनदेन को छिपाने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक को ढाल के रूप में उपयोग कर रही है। देश के शीर्ष न्यायालय ने चुनावी बाँड की मोदी सरकार की ‘काला धन सफेद करने’ की योजना को ही असंवैधानिक, अवैध और आरटीआई का उल्लंघन करार देते हुए रद्द कर दिया था और एसबीआई को छह मार्च तक डेटा विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था

लेकिन भाजपा चाहती है कि इसे लोकसभा चुनाव के बाद किया जाए। लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को खत्म होगा और एसबीआई 30 जून तक डेटा साझा करना चाहता है। भाजपा इस फर्जी योजना की मुख्य लाभार्थी है।”
उन्होंने सवाल किया,”क्या मोदी सरकार आसानी से भाजपा के संदिग्ध सौदों को नहीं छिपा रही है। जहां राजमार्गों,बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बिजली संयंत्रों आदि के अनुबंध इन अपारदर्शी चुनावी बाँडों के बदले मोदी जी के करीबियोंको सौंप दिए गए थे। विशेषज्ञ कहते हैं कि दानदाताओं की 44,434 स्वचालित डेटा प्रविष्टियों को केवल 24 घंटों मेंप्रकट और मिलान किया जा सकता है फिर इस जानकारी को एकत्रित करने के लिए एसबीआई को चार महीने वक्तऔर क्यों चाहिए।”
श्री खड़गे ने कहा, “कांग्रेस पार्टी बिल्कुल स्पष्ट थी कि चुनावी बाँड योजना अपारदर्शी अलोकतांत्रिक और समान
अवसर को नष्ट कर देने वाली थी। लेकिन मोदी सरकार, पीएमओ और एफएम ने भाजपा का खजाना भरने के लिए हर
संस्थान – आरबीआई, चुनाव आयोग, संसद और विपक्ष पर बुलडोजर चला दिया। अब हताश मोदी सरकार तिनके का
सहारा लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विफल करने के लिए एसबीआई का उपयोग करने की कोशिश कर रही है।”

भोपाल: 5 मार्च (भाषा) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपनी पार्टी द्वारा जनवरी में अयोध्या में राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को स्वीकार नहीं करने के लिए पश्चाताप करना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।गांधी का लोकसभा चुनाव से पहले ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान मंगलवार शाम मुख्यमंत्री यादव के गृह क्षेत्र उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में पूजा करने का कार्यक्रम है।

कोलकाता: 5 मार्च (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद अभिजीत गंगोपाध्याय ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो रहे हैं।उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ‘‘भ्रष्टाचार का पर्याय’’ है और वह मजबूती से लड़ेंगे।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा संदेशखाली हिंसा पर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी, सूत्रों ने कहा।एनसीडब्ल्यू की एक टीम ने हाल ही में स्थिति का आकलन करने और क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ गंभीर हिंसा और धमकी की रिपोर्टों के जवाब में स्थानीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाइयों की समीक्षा करने के लिए पश्चिम बंगाल के संदेशखाली का दौरा किया।आयोग द्वारा एक तथ्य-खोज रिपोर्ट भी तैयार की गई थी जिसमें कहा गया था कि उसने पुलिस अधिकारियों और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा व्यापक भय और व्यवस्थित दुर्व्यवहार का आरोप लगाने वाली महिलाओं की परेशान करने वाली गवाही एकत्र की है।

 


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles