
शहडोल नगर व आसपास धीरे-धीरे आदिवासी क्षेत्र से ज्यादा माफिया क्षेत्र में बदलता चला जा रहा है। जिसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन या तो षड्यंत्र पूर्ण तरीके से माफिया के लिए काम कर रहा है अथवा उनका कानून और शांति व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है …? यही कारण है कि अक्सर शासकीय जमीन पर हेरा फेरी करके अथवा आदिवासियों की जमीन पर तमाम प्रकार के षड्यंत्र करके जमीनों पर माफिया कब्जा कर रहे हैं और पूरी गुंडागर्दी से सत्ता राजनीति के संरक्षण में आम नागरिकों को परेशान कर रहे हैं। इस क्रम में अब आदिवासी समाज से आने वाले एक डॉक्टर भूमाफियाओं के चंगुल में फंस गए हैं।
बताया जाता है मेडिकल कॉलेज निवासी डॉ राजकुमार पनिका पुलिस अधीक्षक को शिकायत किया कि उनकी स्वतंत्र पट्टा आराजी ग्राम कुदरी पटवारी हल्का चापातहसील सोहागपुर जिला शहडोल म०प्र० में स्थित भूमि खसरा क्रमांक 305/1/1/2 रकवा 0.080 हेक्टेयर भूमि में प्रकाश उर्फ गुड्डू रस्तोगी पिता रामेश्वर प्रसाद रस्तोगी निवासी- वार्ड नंबर 32 बलपुरवा थाना सोहागपुर एवं अजय सिंह बघेल पिता अमरपाल सिंह बघेल निवासी ग्राम कुदरी थाना सोहागपुर जिला
शहडोल म०प्र० के द्वारा बलपूर्वक कब्जा करने हेतु जे.सी.बी. मशीन के द्वारा आज दिनांक 06.03.2024 को समय सुबह लगभग 11:00 बजे भूमि पर गडे खम्भे को तोड़ देने एवं पिलर हेतु खोदे गये 40 गड्ढे को भाठ दिया गया है तथा मना करने पर कहा जाता है कि अब गड्ढा मत खुदवाना, नही तो आगे कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है जबकि मुझ प्रार्थी की क्रय शुदा भूमि का नक्शा तरमीम व सीमांकन के पश्चात ही राजस्व अधिकारी के बताये अनुसार पिलर के गड्ढे खोदवाये गये थे व बाउण्ड्री हेतु खम्भे गडाये गये थे जिस कारण से मैं प्रार्थी अत्यधिक भयभीत हूँ कि कहीं उक्त खूँखार व्यक्तियों के द्वारा मेरे साथ कोई अप्रिय घटना घटित न कर दिया जावे।
डॉक्टर ने इसकी विधिवत जांच करते हुए प्रकाश उर्फ गुड्डू रस्तोगी बलपुरवा एवं अजय सिंह बघेल निवासी ग्राम कुदरी थाना सोहागपुर जिला शहडोल म0प्र0 के विरूद्ध उचित कार्यवाही की मांग की है। डॉक्टर ने अपनी तरफ से अपने आवेदन के साथ उन फोटो को भी प्रदर्शित किया है जिसमेंखसरा की सत्यापित प्रति एवं जे.सी.बी. मशीन के द्वारा तोडे जा रहे पिलर एवं भाटे जा रहे गड्ढे की स्थल फोटो शामिल है।
किंतु दूसरी और एक डॉक्टर सिन्हा और उसका भाई जो कांग्रेस नेता रमेश चंद्र सिंह के लड़के हैं उन्होंने शासकीय जमीन पर हेरा फेरी करते हुए ग्राम गोरतरा बड़ी जमीन पर न सिर्फ कब्जा कर लिया बल्कि उसे कई लोगों को भ्रामक तरीके से अंश भाग बेच भी दिया है और शहडोल से भगाने के फिराक में है । यही हाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों की भी बताई जाती है जो बड़ी-बड़ी कालोनियां बनाकर आदिवासियों की ओर शासकीय जमीन पर भ्रामक तरीके से लोगों को विक्रय कर रहे हैं।
ऐसा नहीं है की पुलिस और प्रशासन के लोग इस सच्चाई को जमीनी वास्तविकता को नहीं जानते हैं किंतु जब अपराधी जगत के लोगों को पुलिस और प्रशासन का संरक्षण मिल जाता है तो वह कुछ भी करने में जरा भी नहीं हिचकता यही इन भूमाफियाओं के कारनामे से प्रमाणित होता है। पूर्व में भी ग्राम गोरतरा के एक गुरुद्वारा में गुड्डू रस्तोगी द्वारा गुरुदीन आश्रम संचालक की धार्मिक उद्देश्य की जमीन पर पूरी गुंडागर्दी से के साथ कब्जा कर लिया जो बाइपास तिराहे में करोड़ों रुपए की जमीन है। गुरुदीन लगातार भटकता रहा उसे अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है जब कि उसने भूख हड़ताल कर आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी थी।
वर्तमान में लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के नेताओं का इस प्रकार से माफिया की तरह बर्ताव करते हुए आदिवासियों और शासकीय भूमि पर तथा तालाबों पर अतिक्रमण करके उसे बेच देने के फिराक में हो रही कार्यवाइयां लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक हैं। देखना है प्रशासन वर्तमान में लोकतंत्र के लिए काम करता है अथवा माफिया तंत्र उसे अपना गुलाम बनाकर सफल होता है…?

