
.शहडोल 27 जून 2024- वैसे तो यह खबर फीलगुड जैसी है, लेकिन चुकी सरकारी खबर है इसलिए विश्वास करना ही चाहिए की वर्तमान प्रशासन लोकतंत्र में विश्वास रखने पर प्रतिबध्य दिखाई देता है जो शिवराज सिंह के सरकार में धीरे-धीरे स्लो प्वाइजन प्रकार के खत्म हो गई थी। शिवराज के चरम में पहुंचने-फटे आदिवासी विशेष क्षेत्र शहडोल में तो प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रेस को एक भोपू की तरह इस्तेमाल किया है उनकी कही गई बातों को बहुत तवज्जो नहीं दिया गया । हालात इस प्रकार से गंदे हो गए थे की नियमित पत्रकारों के साथ होने वाली त्रैमासिक बैठक कलेक्टरों ने करना बंद कर दिया अब कमिश्नर ने नए निर्देश जारी किए हैं कुछ संभव है आदिवासी क्षेत्र में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की पूंछ परख हो किंतु इसकी शुरुआत विश्वसनीय तरीके से तब मानी जाएगी जब प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए नियमित रूप से होने वाली त्रैमासिक पत्रकार वार्ता को पुणे प्रारंभ किया जाएगा जिसमें वास्तव में जमीनी मुद्दे प्रशासन के संज्ञान में आती हैं और उसमें निराकरण का संभावना बनती है। बहरहाल पत्रकारिता के लिए फील गुड की जो खबर कमिश्नर शहडोल ने जो निर्देश जारी किए पर इस प्रकार से हैं
कमिश्नर शहडोल संभाग बीएस जामोद ने बुधवार को कमिश्नर कार्यालय के सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा की । कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहडोल संभाग के सभी विद्यालयों में बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चों प्रवेष के लिए वंचित न रहे तथा मैदानी अधिकारी, कर्मचारी ग्रामों का भ्रमण कर विद्यालय न जाने वाले बच्चों एवं अभिभावकों से चर्चा कर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाए। कमिश्नर ने कहा कि विद्यालयों के साथ-साथ शहडोल संभाग के ऑगनवाड़ी केंद्रों में भी विशेष ध्यान देकर बच्चों की उपस्थिति बेहतर रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए तथा ऑगनवाड़ी केंद्रों में प्रदाय की जा रही सुविधाओं की भी अधिकारी मॉनिटरिंग करें। कमिश्नर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लेते हुए, खबर सही होने पर समुचित कार्यवाही करना सुनिश्चित करे, सोशल मीडिया एवं समाचार पत्र एक सूचना का माध्यम है। कमिश्नर ने जल जीवन मिशन के कार्याें की समीक्षा की करते हुए कहा कि जल प्रदाय के संबंध में लोंगो की काफी शिकायतें प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्याे को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराएं तथा बरसात को दृष्टिगत रखते हुए क्लोरीन की दवाओं का भी छिड़काव कराना सुनिश्चित करें जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि खराब हैंडपंपों को भी सुधारना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहडोल संभाग में शत-प्रतिशत पशुआंे का टीकाकरण कराया जाए। कमिश्नर ने शहडोल संभाग में बनाए गए गौशालाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
कमिश्नर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनूपपुर जिले के तहसील पुष्पराजगढ के अंतर्गत किरण घाट में किये जा रहे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए यदि संभव हो सकें तो मार्ग परिवर्तित कर दिया जाए तथा किरण घाट के प्रारंभ और अंतिम में पुलिस बल का सहयोग लेते हु बैरिकेडिंग भी लगाया जाए। कमिश्नर ने डब्ल्यूआरडी विभाग के अधिकारी केा निर्देष दिए कि हिरवार माइक्रो परियोजना का कार्य शीघ्रता के साथ जुलाई माह के अंतिम तिथि तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
कमिश्नर ने सामाजिक न्याय विभाग के समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उप संचालक सामाजिक न्याय ने बताया कि 22 जुलाई से 26 जुलाई तक दिव्यांग शिविर आयेाजित कर सामग्रियों का वितरण किया जाएगा। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देष दिए कि शहरी क्षेत्रों में समय-समय पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, जनमानस द्वारा साफ-सफाई का कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़क के किनारे कचडे़ न फेंके, स्वच्छता के प्रति जागरूक करने केे लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि लोग कचडे को कचड़ा गाड़ी, डस्टबिन में भी डाले यह सुनिश्चित किया जाए। कमिश्नर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि शहडोल संभाग में पर्याप्त उर्वरक,बीज उपलब्ध रहें यह सुनिश्चित किया जाए।

