
नयी दिल्ली: 28 जून समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में कथित अनियमितता से जुड़े मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद में चर्चा नहीं चाहते, जबकि उन्हें खुद छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की अगुवाई करनी चाहिए।राहुल गांधी ने सदन में इस विषय को उठाया और राष्ट्रपति के अभिभषण से अलग इस विषय पर चर्चा की मांग की, हालांकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सबसे पहले इस पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है और अलग से किसी विषय पर चर्चा की परंपरा नहीं रही है।
रांची:समाचार एजेंसी भाषा के अनुसारझारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गलत तरीके से फंसाया गया और उन्हें करीब पांच महीने जेल में बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा।झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष ने भाजपा पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि वह इस बात से चिंतित हैं कि देश में किस तरह से राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की आवाज दबाई जा रही है।
बिरसा मुंडा जेल से रिहा होने के बाद सोरेन ने संवाददाताओं से कहा, “मुझे गलत तरीके से फंसाया गया। मेरे खिलाफ साजिश रची गई और मुझे पांच महीने जेल में बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा।”भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दी थी।सोरेन ने कहा, “मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूं। न्यायालय ने अपना आदेश सुनाया और मैं जमानत पर बाहर हूं। लेकिन न्यायिक प्रक्रिया लंबी है।”उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है।सोरेन ने कहा, “मैंने जो काम शुरू किया है, जो युद्ध मैंने छेड़ा है, उसे पूरा करूंगा।”उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था।
नयी दिल्ली: 28 जून राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को बारिश के बाद दिल्लीवासियों को भीषण गर्मी से भले ही राहत मिली लेकिन सड़कों पर जगह-जगह जलभराव और वर्षाजनित हादसों से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया।दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में जलभराव की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगी, जहां 24 घंटे काम होगा।
भोपाल : शुक्रवार, जून 28, वन विभाग द्वारा भारत शासन द्वारा विकसित वनोपज के निर्बाध परिवहन के लिये ऑनलाइन एनटीपीएस प्रणाली लगू की गई है। यह प्रणाली ट्रांजिट पास को निर्बाध रूप से जारी करने की सुविधा प्रदान करती है। यह प्रणाली निजी भूमि/शासकीय/ निजी डिपो और अन्य लघु वन उपज से लकड़ी और बांस (विनिर्दिष्ट वनोपज सागौन, साल, खनिज वन्य जीव उत्पाद, तेन्दूपत्ता, साल बीज एवं कुल्लू गोंद को छोड़कर) अंतर्राज्यीय और राज्य के भीतर परिवहन के लिए ट्रांजिट पास के रिकार्ड की निगरानी और रिकार्ड रखने में मदद करती है।
ऑनलाइन एनटीपीएस व्यवस्था के लिये प्रार्थना-पत्र की वेबसाइट https://mpforest.gov.in/ पर उपलब्ध है, जो डेस्कटॉप आधारित वेब पोर्टल के साथ-साथ मोबाइल एप्लीकेशन के रूप में उपलब्ध है। वेब-पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से ट्रांजिट परमिट (टीपी) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन जमा कर सकते हैं।
ई-भुगतान प्रणाली टीपी डाउनलोड करने से पहले शुल्क का भुगतान मोबाइल एप/वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। व्यापार करने में आसानी के लिए लकड़ी और बाँस के पारगमन के लिए पूरे भारत के लिए एक परमिट की सुविधा प्रदान की जा रही है। नई सुविधा में मोबाइल एप की मदद से मूल स्थल से गंतव्य स्थल तक राज्य की सीमाओं पर निर्बाध आवाजाही हो सकेगी।
अभी तक इस सुविधा का लाभ 4 हजार से अधिक आवेदकों को प्रदाय किया जा चुका है।

