
नयी दिल्ली: 23 जुलाई (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में अपना सातवां केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया और जब उन्होंने लाल रंग के बही-खाते जैसे कवर में रखे टैबलेट से अपना बजट भाषण पढ़ा तो आधुनिकता के साथ परंपरा का मिश्रण देखने को मिला।वित्त मंत्री के 83 मिनट के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कम से कम 71 बार मेजें थपथपाकर बजटीय घोषणाओं का स्वागत किया।सीतारमण ने जब बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बड़ी घोषणाओं की जानकारी सदन में दी तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया।जब देश में घरेलू क्रूज का संचालन कर रहीं विदेशी पोत कंपनियों के लिए सरल कर प्रणाली की घोषणा की तो तृणमूल सांसद सौगत राय को कहते सुना गया, ‘‘ये घोषणाएं बड़े लोगों के लिए है।’’ (साभार जी ग्रुप)

न्यू टैक्स रिजीम में नए टैक्स स्लैब का ऐलान. तीन लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं. 3-7 लाख रुपये आय पर 5% टैक्स, 7-10 लाख तक आय पर 10% टैक्स. 10-12 पर लाख पर 15% टैक्स, 12-15 लाख पर 20% टैक्स और 15 लाख से ऊपर 30% टैक्स वसूला जाएगा.
नयी दिल्ली: 23 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक करार देते हुए सोमवार को कहा कि महंगाई एवं बेरोजगारी को लेकर कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं तथा आम लोगों को कोई राहत नहीं दी गई है।उन्होंने यह भी कहा कि दो तरह की कर प्रणाली सही विचार नहीं है और इसे स्वीकारा नहीं जा सकता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्रीय बजट में इंटर्नशिप योजना की घोषणा किए जाने के बाद मंगलवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी हुई है कि लोकसभा चुनाव के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्य विपक्षी दल का घोषणापत्र पढ़ा. वित्त मंत्री सीतारमण ने केंद्रीय बजट-2024-25 में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की घोषणा की है जिसके तहत युवाओं को इंटर्नशिप के साथ 5,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा. कांग्रेस ने हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में प्रशिक्षुता के अधिकार का वादा किया था जिसके तहत उसने डिप्लोमा एवं डिग्रीधारक बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण के साथ एक साल तक हर महीने 8500 रुपये देने का वादा किया था. कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘पहली नौकरी पक्की’ नाम भी दिया था. बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि यह बजट दो मित्रों को खुश करने वाला है. इस बजट में 140 करोड़ जनता के लिए कुछ नहीं है.।
नयी दिल्ली: 23 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम बजट को नयी उर्जा, बेहतर विकास और सुनहरे भविष्य के साथ ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर लेकर आने वाला बताया और कहा कि यह भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में ‘उत्प्रेरक’ का काम करेगा तथा विकसित भारत की ठोस नींव भी रखेगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए 2024-25 के बजट को उन्होंने समाज के हर वर्ग को शक्ति देने वाला करार दिया और कहा कि रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन संबंधी योजना से देश में करोड़ों नये रोजगार पैदा होंगे।
40 हजार करोड़ के बदले में इस राज्य से कितना ले रहेः हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि 40 हजार करोड़ रुपये किस हिसाब से दे रहे हैं और बदले में इस राज्य से कितना ले रहे हैं?समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा है कि यह सरकार अल्पमत में है और यह बजट उसी अल्पमत की सरकार को बचाने के लिए है. इस बजट में पूरे देश के साथ-साथ अयोध्या की अनदेखी की गई.हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि आंध्र प्रदेश और बिहार के साथ अपने समझौते को आगे बढ़ाने के लिए पैसा दिया गया होगा. यह बहुत खेद की बात है कि हिमाचल की अनदेखी हुई है.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अब बिहार को विशेष राज्य के दर्जा की मांग खत्म होगी. उन्होंने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता है. ऐसे में विशेष पैकेज दिया जा रहा है.मोदी 3.0 के पहले बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगाल को इस बजट से पूरी तरह से वंचित रखा गया है. बंगाल किसी के दया का मोहताज नहीं है.केंद्रीय बजट 2024 पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘उन्हें (केंद्र को) यह बजट कागजों पर तो ठीक लगता होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होने वाला है… सरकार को फसलों की कीमत देनी चाहिए, मुफ्त बिजली, सस्ती खाद देनी चाहिए, खेती के उपकरणों पर जीएसटी कम करना चाहिए.’LJP(रामविलास) की सांसद शंभावी चौधरी ने केंद्रीय बजट पर कहा, ‘बहुत खुशी की बात है, हमने बिहार को स्पेशल पैकेज व विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी… विशेष राज्य या विशेष पैकेज सिर्फ शब्द में अंतर था लेकिन हमारी मांग बस इतनी थी कि बिहार आगे बढ़े, अच्छी आर्थिक सहायता मिले जिससे बिहार आगे बढ़े और हमारा मानना है कि आज बिहार को वह आर्थिक सहायता मिली है

