
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (5 सितंबर, 2024) राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
नई दिल्ली: पूर्व शिक्षा मंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित देश बनना है तो एक शिक्षक का वेतन आईएएस अधिकारी से अधिक होना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली नगर निगम द्वारा आयोजित ‘शिक्षक सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। सिसोदिया ने कहा, “आज 2047 के भारत के बारे में बहुत चर्चा हो रही है। आज यहां जो शिक्षक बैठे हैं, जो बच्चे आपके साथ हैं, वे 2047 के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 2047 का भारत इन बच्चों पर निर्भर करता है। लेकिन नीति निर्माताओं को भी उनके लिए कुछ करना होगा।”
नयी दिल्ली: चार सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के निर्माण में अगर ‘स्टेनलेस स्टील’ का इस्तेमाल किया गया होता तो वह नहीं गिरतीगडकरी ने तटीय क्षेत्रों में जंगरोधी उत्पादों के उपयोग पर भी जोर दिया। मंत्री गडकरी ने कहा कि वह पिछले तीन सालों से इस बात के लिए दबाव बना रहे हैं कि समुद्र से सटे पुलों के निर्माण में ‘स्टेनलेस स्टील’ का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘अगर छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा के लिए ‘स्टेनलेस स्टील’ का इस्तेमाल किया गया होता, तो वह कभी नहीं गिरती।’’महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में पुलिस ने राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के ढहने के सिलसिले में ठेकेदार जयदीप आप्टे के खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ (एलओसी) जारी किया है।आप्टे को देश से भागने से रोकने के लिए हवाई अड्डों और अन्य सभी निकास मार्गों पर एलओसी जारी किया गया है। ठाणे के रहने वाले मूर्तिकार आप्टे ने मूर्ति बनाने का ठेका लिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन किये जाने के बाद नौ माह से भी कम समय में यह प्रतिमा 26 अगस्त को गिर गयी थी।
देश के सर्वाधिक प्रदूषित 100 शहरों में हरियाणा के 24 में से 15 शहर शामिल : विश्लेषण
नयी दिल्ली: पांच सितंबर (भाषा) प्रदूषण पर एक नए विश्लेषण से पता चला है कि हरियाणा के 24 शहरों में से 15 शहर 2024 की पहली छमाही में पीएम 2.5 के स्तर के आधार पर भारत के 100 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।भारत के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 के वार्षिक स्तर की सुरक्षित सीमा क्रमशः 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।

