
33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया जा रहा
भोपाल : गुरूवार, अक्टूबर 24, 2024, प्रदेश के नगरीय निकायों में भू-जल संरक्षण और प्रबंधन के लिये 33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के 24 नगरीय निकाय ऐसे हैं, जिन्होंने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार भी कर लिया है। भू-जल प्रबंधन प्लान में क्षेत्र के जल स्त्रोतों की पहचान कर उनके वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण के उपाय किये जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के बोरवेल, बावड़ियां, नदी, तालाब, कुंऍ आदि शामिल हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत पिछले दिनों आयोजित कार्यशाला में भू-जल विशेषज्ञों ने तैयार किये गये भू-जल प्रबंधन प्लान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को जन-भागीदारी से शहरी क्षेत्रों में पौध-रोपण पर विशेष ध्यान देना होगा। वृक्ष, जल-संरक्षण के उपाय में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। प्रदेश के 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया।
वाशिंगटन: 24 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की प्राथमिकता प्रभुत्व स्थापित करना नहीं बल्कि अपने प्रभाव को बढ़ाना है।उन्होंने कहा कि अमेरिका हो या चीन कोई भी देश आज भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकता।सीतारमण ने यहां सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित ब्रेटन वुड्स एट 80: प्रायोरिटीज फॉर द नेक्स्ट डेकेड’ में परिचर्चा के दौरान ये टिप्पणियां कीं।सीतारमण ब्रेटन वुड्स संस्थाओं की वार्षिक बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को यहां पहुंची थीं।उन्होंने कहा, ‘‘ भारत की प्राथमिकता यह दिखाकर अपना प्रभुत्व स्थापित करना नहीं है कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, हमारी जनसंख्या सबसे अधिक है। बल्कि हमारा लक्ष्य अपना प्रभाव बढ़ाना है।”उन्होंने कहा कि दुनिया में हर छह में से एक व्यक्ति भारतीय है, “आप हमारी अर्थव्यवस्था और जिस तरह से यह बढ़ रही है, उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।’’भारत क्या मार्गदर्शन की स्थिति में है, इस सवाल पर उन्होंने प्रौद्योगिकी में देश की अग्रणी भूमिका का जिक्र किया और कहा कि भारतीयों के पास जटिल कॉरपोरेट व्यवस्था को चलाने के लिए एक प्रणाली है।
उच्चतम न्यायालय ने आरोपी पत्रकार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया
नयी दिल्ली: 24 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश में एक महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज चार प्राथमिकियों के सिलसिले में उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति पी. के. मिश्रा और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने पत्रकार ममता त्रिपाठी की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

