नये निर्वाचन-आयुक्त ज्ञानेश कुमार/NAKSHA कार्यक्रम का शुभारंभ/कोयला नीलामी को रोड-शो.//

Share

नये निर्वाचन-आयुक्त ज्ञानेश कुमार

नयी दिल्ली: 17 फरवरी (भाषा) निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सोमवार को नया मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया है। कानून मंत्रालय ने यह जानकारी दी। कुमार निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।उनका कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक रहेगा, जिसके कुछ दिन बाद निर्वाचन आयोग अगले लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।

PIB Delhi केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश के रायसेन (सांची) में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित शहरी पर्यावास भू-सर्वेक्षण (National geospatial Knowledge-based land Survey of urban Habitations)-‘नक्शा’ (NAKSHA) कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पूरे देश का कार्यक्रम है। आज रायसेन से पूरे भारत में 26 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 152 शहरी स्थानीय निकायों में शहरी भूमि सर्वेक्षण ”नक्शा” पायलट कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कहा कि शहरी क्षेत्रों में ड्रोन से सर्वे होगा और नक्शा बनाकर भूमि स्वामी को दिया जाएगा। नक्शा नहीं होने से कई परेशानियां होती हैं। अब नागरिकों के पास उनकी जमीन का व्यवस्थित रिकार्ड होगा, यह एक क्रांति है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई है। अ.भा. ऋण व निवेश सर्वेक्षण-2019 (एनएसएसओ) के अनुसार, भारत में 90% संपत्तियां भूमि व भवन के रूप में हैं। विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि अधीनस्थ न्यायालयों में निजी विवादों का दो तिहाई हिस्सा भूमि व भवन से संबंधित हैं, जिसका मुख्य कारण भूमि रिकॉर्ड का अद्यतन न होना है। इसके अतिरिक्त, भूमि रिकॉर्ड के अद्यतन न होने के कारण शहरी नियोजन और भूमि प्रबंधन प्रभावी नहीं होते हैं, केंद्र व राज्यों की विभिन्न योजनाओं व सार्वजनिक सेवा वितरण की प्रभावशीलता व दक्षता कम होती है एवं सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के लाभ को संपत्ति के सही लाभार्थी को पहुंचाने में कठिनाई होती है। कुल मिलाकर, देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 1.3 प्रतिशत की हानि होती है। भारत को एक आर्थिक महाशक्ति बनाने की भारत सरकार की संकल्पना को, अद्यतन और भू-स्थानिक दृष्टि से स्पष्ट भू-रिकॉर्ड एवं सुदृढ़ भूमि प्रबंधन प्रणाली के बिना साकार नहीं किया जा सकता है। म.प्र. सरकार ग्रामीण एवं शहरी भूमि-अभिलेख प्रशासन तथा ग्रामीण विकास संबंधी सुधारों में अग्रणी रही है। यहां संपदा 2.0 के माध्यम से संपत्ति दस्तावेज़ पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया गया है, जिससे प्रक्रिया परेशानीमुक्त व कागजरहित हो गई है। अब संपत्ति लेन-देन दस्तावेजों के पंजीयन के लिए उप-पंजीयक कार्यालय जाने की भी आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में भूमि अभिलेखों में नामान्तरण के अविवादित मामलों के निपटारे की  प्रक्रिया साइबर तहसील के माध्यम से, प्रारंभ से अंत तक पेपरलेस, फेसलेस और ऑनलाइन है। सूचना व संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए क्रन्तिकारी विकास का लाभ उठाते हुए, केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम लागू किया।  भूमि संसाधन विभाग व राज्य सरकारों के ठोस प्रयासों से अब तक 6.29 लाख गांवों में भूमि अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण, 13.58 लाख मानचित्रों का डिजिटलीकरण एवं 5229 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है व लगभग 29 करोड़ विशिष्ट भू-खंड पहचान संख्या (भू-आधार) बनाए जा चुके हैं।

कोयला खदान नीलामी को कोलकाता में रोड शो

कोयला मंत्रालय वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी और कोयला क्षेत्र में अवसरों पर 19 फरवरी 2025 को कोलकाता में एक रोड शो आयोजित करने के लिए तैयार है। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य निवेशकों, उद्योग जगत के दिग्‍गजों, खनन विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाना है, जो देश के कोयला क्षेत्र में परिवर्तनकारी अवसरों का पता लगाने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करता है।रोड शो कोयला क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की व्यापक श्रृंखला को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है, कालिक लाभों की जानकारी प्रदान करेगा।यह रोड शो हितधारकों के लिए एक शानदार प्‍लेटफॉर्म है, जहां वे नियामक ढांचे, सुव्यवस्थित मंजूरी प्रक्रियाओं और कोयला क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के मंत्रालय के प्रयासों के बारे में जानकारी लेकर नेटवर्क बना सकते हैं और सीख सकते हैं। मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोयला उद्योग वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बना रहे, जिससे भारत के ऊर्जा परिदृश्य में अवसरों का लाभ उठाने के इच्छुक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों निवेशकों के लिए बेहतर स्थितियां बनें।वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के प्रमुख सुधारों में शामिल हैं:

  • अग्रिम राशि और निविदा सुरक्षा राशि में कमी, जिससे वित्तीय रूप से भागीदारी अधिक सुलभ हो जाएगी।
  • आंशिक रूप से अन्वेषित ब्लॉकों के लिए कोयला खदान के हिस्से को छोड़ने की अनुमति, जिससे परिचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा।
  • भूमिगत कोयला खदानों के लिए निष्‍पादन सुरक्षा में छूट, भूमिगत खनन में निवेश को प्रोत्साहित करना।
  • प्रवेश में कोई बाधा न होने से भागीदारी में आसानी होगी, जिससे अधिक समावेशी नीलामी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।
  • कोयला उपयोग में पूर्ण लचीलापन, जिससे कम्पनियां अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार किसी भी उद्देश्य के लिए कोयले का उपयोग कर सकेंगी।
  • शीघ्र उत्पादन के लिए अनुकूलित भुगतान संरचना और प्रोत्साहन।

 


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles