
वक्फ संशोधन अधिनियम गरीब मुसलमानों का कल्याण सुनिश्चित करेगा: केंद्रीय मंत्री चौहान
भोपाल: (6 अप्रैल)
संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए जाने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को अपनी मंजूरी दे दी।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम गरीब मुसलमानों का कल्याण सुनिश्चित करेगा।रायसेन जिले के खंडेरा में एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने और एक कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा, “यह मुस्लिम भाइयों और बहनों के कल्याण के लिए है। अगर इसका (संशोधन) सही तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो पूरे वक्फ बोर्ड का इस्तेमाल गरीब मुस्लिम भाइयों और बहनों के कल्याण के लिए किया जा सकता है।”
अयोध्या
अब समाचारों की दुनिया में बहुत ज्यादा जरूरी नहीं है क्या आपके प्रतिनिधि और पत्रकार वहां हो, बहुत सारी जानकारी सोशल मीडिया का आभासी पत्रकार के रूप में अपनी जानकारी देने वाला एप ग्रोक बताता है अयोध्यामें आज, 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी का पर्व बेहद भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। यह प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर में दूसरी रामनवमी थी, जिसे लेकर तैयारियाँ कई दिनों से चल रही थीं। रामनगरी को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगे झंडों से सजाया गया था, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया।राम मंदिर में मुख्य आकर्षण दोपहर 12 बजे हुआ, जब भगवान रामलला का सूर्य तिलक किया गया। सूर्य की किरणें चार मिनट तक उनके मस्तक पर केंद्रित रहीं, जिसे वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से इसरो और देश के विभिन्न आईआईटी के विशेषज्ञों की मदद से संभव बनाया गया। इस क्षण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर भी किया गया, जिसे देखकर देश-विदेश के भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की थी। रामलला का विशेष अभिषेक हुआ, उन्हें राजकुमार के रूप में सजाया गया और 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। मंदिर परिसर में ग्रीन कार्पेट बिछाया गया, ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ठंडे पानी व शीतलन की व्यवस्था की गई थी। लाखों भक्तों ने सरयू नदी में स्नान कर रामलला के दर्शन किए, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, जिसमें सीसीटीवी, ड्रोन और बैरिकेडिंग शामिल थी।शहर में रामायण पाठ, यज्ञ, कथा प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। भक्तों ने भजन-कीर्तन के साथ जय श्रीराम के उद्घोष किए, जिससे अयोध्या की गलियाँ भक्ति से गूंज उठीं। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को भी जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम रहा।
रामनवमी में धनुषकोटि को देखा प्रधानमंत्री में नयी दिल्ली: छह अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को श्रीलंका से भारत लौटते समय विमान से रामसेतु के दर्शन किए।मोदी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘कुछ देर पहले श्रीलंका से लौटते समय मुझे रामसेतु के दर्शन का सौभाग्य मिला। दैवीय संयोग से, यह उसी समय हुआ जब अयोध्या में सूर्य तिलक हो रहा था।’’

