
पेपर मिल में दोपहर में हुआ फिर दर्दनाक हादसा, टिशु प्लांट-3 में मशीन में दबने से मनीष की मौत
शहडोल, मध्य प्रदेश:
ओरिएंट पेपर मिल, अमलई में एक बार फिर एक दुखद हादसा सामने आया है, बताया जाता है जिसमें टिशु प्लांट-3 में कार्यरत शिफ्ट इंचार्ज मनीष सिंह की मशीन में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना बुधवार, 23 जुलाई 2025 को दोपहर के समय हुई, जिसने पूरे मिल परिसर में शोक की लहर दौड़ा दी। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जानकारी के अनुसार, मनीष सिंह, जो कि टिशु प्लांट-3 में शिफ्ट इंचार्ज के पद पर कार्यरत थे, बुधवार को अपनी ड्यूटी के दौरान पेपर मशीन की जांच या मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मशीन में तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण वे मशीन में फंस गए। बताया जा रहा है कि मशीन के भारी-भरकम हिस्से में दबने से मनीष सिंह को गंभीर चोटें आईं, और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मिल के अन्य कर्मचारी और प्रबंधन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मनीष सिंह की जान जा चुकी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि मशीन को बंद करने और मनीष को निकालने में काफी समय लग गया। घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि मशीन में अचानक आई खराबी या ऑपरेशनल त्रुटि इस हादसे का कारण हो सकती है। हालांकि, प्रबंधन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस और प्रशासन का रुख
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में इसे एक दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।कर्मचारी यूनियन और सहकर्मियों में आक्रोश,इस हादसे के बाद मिल के कर्मचारियों और स्थानीय यूनियन में आक्रोश देखा जा रहा है।कर्मचारी यूनियन ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।सूत्रों के अनुसारमनीष सिंह, जो कि शहडोल के स्थानीय निवासी थे, अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। इस हादसे ने उनके परिवार पर गहरा आघात पहुंचाया है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
यह पहली बार नहीं है जब ओरिएंट पेपर मिल, अमलई में इस तरह का हादसा हुआ हो। इससे पहले भी मिल में कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ में कर्मचारियों की जान भी गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर मिल जैसे जोखिम भरे उद्योगों में मशीनों की नियमित रखरखाव, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण, और आपातकालीन उपायों का होना बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग से यह मांग उठ रही है कि मिल में सुरक्षा ऑडिट किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।(SAIG)
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