
मैं इसलिए वहां गया क्योंकि समाजवादी विचारधारा निर्माण के दौर में जो प्रमुख नेता 60 के दशक में निकल रहे थे उसमें चौधरी चरण सिंह के सानिध्य में रहकर के सी त्यागी वे अंतिम नेताओं मे एक हैं जिन्हें जातिवाद की राजनीति के चलते घर वापसी करनी पड़ी है क्योंकि उत्तर प्रदेश से लगा दिल्ली का यह क्षेत्र उनका अपना घर है जहां उन्हें अपनापन महसूस होता है लेकिन समाजवाद को आगे बढ़ाने में उनकी प्रयास राष्ट्रीय स्तर के रहे हैं उम्र के चौथे पान में घर वाले ने राष्ट्रीय लोक दल ने उन्हें कैसे स्वागत किया यह मेरी उत्सुकता थी दिल्ली में था इसलिए गया बहुत अच्छा लगा की संभावनाएं घर की एक जुटता में संभावित हो जाती हैं लगा ही नहीं कि वे जनता दल यू जैसी पार्टी का निर्माण करके और उसे छोड़कर राष्ट्रीय लोकदल में अपने घर आए हैं। यह भी एक कारण था कि कॉर्पोरेट पॉलिटिकल इंडस्ट्री के तौर पर भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के पौत्र केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी किस प्रकार इस बुजुर्ग नेता का स्वागत करते हैं उन्होंने उनकी सान्निध्य भी स्वीकारी और मार्गदर्शन की अपेक्षा भी की। जो अपमान का विष अनजाने में जनता दल में पी रहे थे आज के स्वागत समारोह में जैसे सब दर्द मिट गया। राष्ट्रीय लोक दल जो कभी लोक दल था मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में मेरे पिताजी स्व. भोलाराम जी गर्ग तब लोकदल के अध्यक्ष थे और प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह शहडोल के बाणगंगा में आए हुए थे उसकी एक स्मृति छायाचित्र ने भी मुझे इस कार्यक्रम में जाने और समझने का प्रोत्साहन दिया उसे भी मैं साझा करना चाहता हूं तब राजनीति इतनी ही सहज थी गांव से चलकर राजनीति गांव की बात करती थी हर आदमी उनके अपने गांव का होता था लोक दल में अभी गांव जिंदा है। अब तो लगता है माफिया गिरी ने कब्जा कर लिया है बहरहाल अच्छा लगा। ( त्रिलोकी नाथ)
आज दिल्ली के मावलंकर हॉल Constitution Club में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना घटी, जहां वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद के. सी. त्यागी (केसी त्यागी) ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में औपचारिक रूप से शामिल होकर अपनी “घर वापसी” पूरी की। यह कार्यक्रम “खुशहाल किसान – मजबूत भारत” जैसी किसान समृद्धि गोष्ठी के दौरान आयोजित हुआ, जिसमें RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी (चौधरी चरण सिंह के पौत्र) स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने त्यागी को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
कार्यक्रम में जयंत चौधरी ने के. सी. त्यागी का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने त्यागी को किसान नेता के रूप में याद करते हुए कहा कि वे चौधरी चरण सिंह के निकटतम सहयोगी रहे हैं और उनकी अनुभवपूर्ण सलाह एवं मार्गदर्शन की RLD को बहुत आवश्यकता है। जयंत ने आधुनिक नजरिए से राष्ट्रीय विकास की धारा पर जोर दिया, जिसमें किसानों की समृद्धि को भारत की मजबूती से जोड़ा जाए।
के. सी. त्यागी ने अपने संबोधन में भावुक होकर कहा कि उन्होंने अब तक कई बार पार्टी जिम्मेदारियां निभाई हैं, लेकिन उनका सपना चौधरी चरण सिंह के आदर्शों पर चलने का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई पद या सांसद/विधायक बनने नहीं आए हैं, बल्कि जयंत चौधरी को चौधरी चरण सिंह की तरह मजबूत और प्रभावी नेता बनाने के लिए मार्गदर्शन देने आए हैं। त्यागी ने जयंत से अपेक्षा जताई कि वे भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के रास्ते पर चलें, भले ही ठीक वैसा न सही, लेकिन उनके बताए मार्गों पर अडिग रहें।
त्यागी ने यह भी याद दिलाया कि चौधरी चरण सिंह ने उन्हें बहुत कम उम्र में हापुड़ से चुनाव लड़ने का टिकट दिया था और आर्थिक मदद भी की थी। वे लंबे समय से चौधरी परिवार की तीन पीढ़ियों के करीबी रहे हैं।
पृष्ठभूमि और महत्व
के. सी. त्यागी हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से इस्तीफा दे चुके थे, जहां वे बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी थे। इस्तीफे के बाद उन्होंने संवाद की कमी और पार्टी विस्तार के अभाव का जिक्र किया था। RLD में उनकी एंट्री को “घर वापसी” कहा जा रहा है, क्योंकि वे मूल रूप से चौधरी चरण सिंह के अनुयायी रहे हैं।
यह घटना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकती है, जहां RLD का मजबूत आधार है। त्यागी की अनुभव और प्रभाव से पार्टी को किसान-केंद्रित मुद्दों पर और मजबूती मिल सकती है। साथ ही, NDA गठबंधन में RLD की स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।
कार्यक्रम में RLD के अन्य नेता जैसे त्रिलोक त्यागी, अनिल कुमार आदि भी मौजूद थे। यह कदम किसान आंदोलन और विकास के आधुनिक नजरिए को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

