
हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक सेवानिवृत्ति सेना का जवान भी शामिल
इम्फाल,(ईएमएस)। मणिपुर में बढ़ते तनाव के बीच फिर हिंसा की बड़ी घटना हुई। उखरुल जिले में नेशनल हाईवे-202 पर उग्रवादियों द्वारा किए गए घात लगाकर हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक सेवानिवृत्ति सेना का जवान भी शामिल है। इस मामले में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि यह हमला लेइंगांगचिंग और टीएम कासोम के बीच हुआ, जब हथियारबंद हमलावरों ने इंफाल से उखरुल जा रहे एक काफिले पर गोलियां बरसाईं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने दूर से स्नाइपर जैसे हथियार से निशाना साधा, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले में जिन दो लोगों की मौत हुई है, उनमें एक रिटायर्ड आर्मी जवान शामिल है। एक अन्य घायल व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ा। वहीं, अन्य घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की पहचान ताशर गांव के नागा रेजिमेंट के रिटायर्ड जवान चाइना ओशांग शोकवुंगनाओ और खारासोम गांव के यारिंगम वाशुम के रूप में हुई है।
मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करे और इसे परिसीमन के बहाने न टाले-खड़गे
नई दिल्ली(ईएमएस)।
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया था। उनके संबोधन में कही गईं बातों को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झूठ का पुलिंदा बताया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा करते हुए कहा की पीएम मोदी आचार संहिता का भी उल्लंघन किया है। उन्होंने हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे गरिमा के विपरीत बताया है। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने एक आधिकारिक मंच का उपयोग विशुद्ध रूप से राजनीतिक भाषण देने के लिए किया, जिसमें विरोधियों पर कीचड़ उछालने और असत्य दावों के सिवाय कुछ नहीं था।
बुद्धिजीवियों, वकीलों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समूह ने एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की
नयी दिल्ली: 19 अप्रैल (भाषा) बुद्धिजीवियों, वकीलों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि यह “नागरिकों के अधिकारों के खिलाफ” है और पुरानी मतदाता सूचियों को बरकरार रखते हुए उसी आधार पर चुनाव कराए जानेचाहिए।‘जनहस्तक्षेप’ नामक मानवाधिकार संगठन ने शनिवार को ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ में आयोजित एक संगोष्ठी में यह मांग की। आयोजकों की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

