
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी: आवासन, समावेशन और सशक्तीकरण की कहानी16 SEP 2026 1:02PM by PIB Delhi

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प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) एक प्रमुख शहरी आवास मिशन है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत देशभर के पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराए जाते हैं। मिशन का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों तथा झुग्गी–बस्तियों में रहने वाले लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करना है। PMAY-U के क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर वर्ष 2024 में पुनर्गठित PMAY-U 2.0 शुरू किया गया। इसमें समावेशिता पर विशेष जोर दिया गया है और महिलाओं तथा अन्य संवेदनशील शहरी वर्गों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। जियो–टैगिंग और रियल–टाइम डैशबोर्ड जैसी प्रौद्योगिकी–आधारित प्रणालियों ने इस योजना की पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत किया है। |
शहरी आकांक्षाओं की नींव
एक सुरक्षित और स्थायी घर गरिमापूर्ण जीवन की नींव होता है। यह परिवारों को स्थिरता, सुरक्षा और बेहतर अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान करता है। गुणवत्तापूर्ण आवास से न केवल रहने की स्थिति में सुधार होता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सुरक्षा और समग्र कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लाखों शहरी परिवारों के लिए एक पक्का घर केवल आश्रय नहीं, बल्कि उज्जवल और अधिक सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने का माध्यम है।
समावेशी विकास को बढ़ावा देने में आवास की परिवर्तनकारी भूमिका को पहचानते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) का शुभारंभ जून 2015 में किया गया। इस मिशन में किफायती आवास को शहरी विकास के केंद्र में रखा गया है। पिछले वर्षों में इसने व्यापक स्तर पर नवाचार और जरूरतमंद लोगों पर विशेष ध्यान के माध्यम से आवास के क्षेत्र को नया स्वरूप दिया है।
पीएमएवाइ–यू : शहरी आवास जरूरतों का राष्ट्रीय समाधान
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी देशभर के पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त हर मौसम में रहने योग्य पक्के मकान उपलब्ध कराती है। इसका ध्यान झुग्गी–बस्तियों में रहने वाले लोगों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों की आवासीय जरूरतों पर है।
इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को किफायती आवास के निर्माण और उपलब्धता के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करती है। मूल मिशन अवधि मार्च 2022 तक थी। हालांकि, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अनुरोध तथा स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने के लिए योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।
क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभवों और बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए सितंबर 2024 में PMAY-U को पुनर्गठित करके PMAY-U 2.0 शुरू किया गया। यह योजना शहरी क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को अधिक उत्तरदायी और समावेशी तरीके से आगे बढ़ाती है।
लाभार्थी परिवार कौन है?
PMAY-U के अंतर्गत लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे तथा/या अविवाहित बेटियां शामिल होती हैं। परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
वयस्क कमाने वाले व्यक्ति को उसकी वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना अलग परिवार माना जाता है, बशर्ते:
- उसके नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान न हो।
- विवाहित दंपति में पति या पत्नी में से कोई एक अथवा दोनों संयुक्त रूप से एक ही मकान के लिए पात्र हों, जो योजना के अंतर्गत निर्धारित पारिवारिक आय-सीमा के अधीन होगा।
- कोई पात्र लाभार्थी मिशन के चारों में से केवल एक घटक का लाभ ले सकता है।
- यदि किसी व्यक्ति के पास 21 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाला पक्का मकान है, तो उसे मौजूदा मकान को बढ़ाकर अधिकतम 30 वर्ग मीटर तक करने के लिए सहायता दी जा सकती है। यदि भूमि या अन्य कारणों से ऐसा करना संभव न हो, तो उसे किसी अन्य स्थान पर PMAY-U के अंतर्गत मकान दिया जा सकता है।
PMAY-U 2.0: अगले अध्याय का निर्माण
PMAY-U 2.0 किफायती आवास मिशन का अगला चरण है। यह PMAY-U की मजबूत नींव पर आधारित है। इसका लक्ष्य एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है और इसे 2024 से 2029 तक लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को शहरी क्षेत्रों में मकान बनाने या खरीदने के लिए प्रति इकाई अधिकतम ₹2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
PMAY-U 2.0 पात्र लाभार्थियों के लिए किफायती किराये के आवास की सुविधा का भी समर्थन करती है, ताकि शहरी भारत में विभिन्न प्रकार की आवासीय जरूरतों को पूरा किया जा सके।
योजना EWS, LIG और MIG वर्गों के परिवारों के लिए खुली है। आय-सीमा इस प्रकार है:
- EWS परिवार: वार्षिक आय ₹3 लाख तक।
- LIG परिवार: वार्षिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक।
- MIG परिवार: वार्षिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक।
पीएमएवाई-यू 2.0 के चार घटक
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) के अनुभव के आधार पर, PMAY-U 2.0 ने शहरी भारत की विभिन्न आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चार–आयामी दृष्टिकोण अपनाया है।

लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC)
BLC वर्टिकल के तहत, पात्र EWS परिवारों को ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। वे अपनी ज़मीन पर अधिकतम 45 वर्ग मीटर के कारपेट एरिया वाले नए पक्के घर बना सकते हैं।
साझेदारी में किफायती आवास (AHP)
AHP वर्टिकल के तहत, EWS कैटेगरी के लाभार्थियों को पक्का घर खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। सरकारी या प्राइवेट एजेंसियां पात्र लाभार्थियों के लिए 30–45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया वाले किफायती घर बनाती हैं। घर की खरीद कीमत के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रति यूनिट ₹2.5 लाख तक की आर्थिक मदद देती हैं।

