
हंला की विधानसभा चुनाव का अभी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव के पहले चुनावी भाषण का जमकर उपयोग किए और उन्होंने अपने विपक्षी गठबंधन इंडिया को घमंडिया नाम से संबोधित किया करते हुए चिढ़ाने का काम किया है. प्रधानमंत्री ने बिना कोई लाग लपेट किए इंडिया की व्हाट लगाने का कई आरोप जड़ दिए तथा सांसद राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान को हाईजैक करते हुए अपने भाषा में मोहब्बत की दुकान खोलने का काम किया.अब इंडिया को घमंडी आ अभी तक इंडिया को इंडियन मुजाहिदीन से जोड़ने की बात से उसका स्थानीयकरण करने का काम हो रहा है और इंडिया को घमंडिया बोलने और प्रचारित करने का प्रयास भी किया जा रहा है आने वाला विधानसभा चुनाव मुद्दों में नहीं है इसी प्रकार के स्टंट बाजी की नई जुमलेबाजी के बहस में लड़ाने का प्रयास किया जाएगा .तो देखिए, प्रधानमंत्री ने इंडिया से भयभीत होकर बार-बार उसे नए शब्दों में प्रचार करने का काम कैसे किया ..यह अलग बात है कि इंडिया; विपक्षी दलों का गठबंधन वास्तव में धरातल में कितनी मजबूती से अपनी ताकत दिखा पाता है ..? लेकिन फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी स्टंट बाजी में भयभीत नजर आते हैं…
बीना , 14 सितंबर,
समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस ‘इंडिया’ को ‘घमंडिया’ गठबंधन करार देते बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि इसके नेताओं ने सनातन संस्कारों और परंपराओं को समाप्त करने की ठान रखी है और ये देश को एक हजार साल की गुलामी में धकेलना चाहते हैं।.यहां एक कार्यक्रम के दौरान 50,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर देश और समाज को विभाजित करने का आरोप भी लगाया।.उन्होंने कहा, ‘‘यहां कुछ ऐसे दल भी हैं, जो देश और समाज को विभाजित करने में जुटे हैं। इन्होंने मिलकर एक आईएनडीआई अलायंस बनाया है, जिसे कुछ लोग ‘घमंडिया’ गठबंधन भी कहते हैं।’’.
उन्होंने कहा कि इनका नेता तय नहीं है और नेतृत्व पर भ्रम है लेकिन इन्होंने मुंबई में बैठक कर ‘घमंडिया गठबंधन’ की नीति और रणनीति तय कर ली है और साथ ही एक छुपा हुआ एजेंडा भी तय कर लिया है।.परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जी20 की सफलता से आज देशवासी गौरवान्वित हैं।..मोदी ने कहा, ‘‘लेकिन इस घमंडिया गठबंधन की नीति और रणनीति भारत की संस्कृति पर हमला करने की है। इस आईएनडीआई अलायंस का निर्णय है कि भारतीयों की आस्था पर हमला करो। इस घमंडिया गठबंधन की नीयत है कि भारत को जिन विचारों और संस्कारों ने हजारों वर्ष से जोड़ा है, उन्हें तबाह कर दो।’’.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘‘ये घमंडिया गठबंधन वाले सनातन संस्कारों और परंपरा को समाप्त करने का संकल्प लेकर आए हैं। जिस सनातन को महात्मा गांधी ने जीवन पर्यंत माना, जिस सनातन ने उन्हें अस्पृश्यता के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए प्रेरित किया। ये घमंडिया गठबंधन के लोग उस सनातन परंपरा को समाप्त करना चाहते हैं।’’.ज्ञात हो कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में कहा था कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय के खिलाफ है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।.उन्होंने कहा, ‘‘देश के कोने-कोने में हर सनातनी को, इस देश को प्यार करने वाले को सतर्क रहने की जरूरत है। आईएनडीआई अलायंस वाले सनातन को मिटाकर देश को एक हजार साल की गुलामी में धकेलना चाहते हैं। लेकिन हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है। हमारी एकजुटता से उनके मंसूबों को नाकाम करना है।’’.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश या राज्य के विकास के लिए जरूरी है कि पूरी पारदर्शिता से शासन चले और भ्रष्टाचार पर लगाम कसी रहे।.उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जिन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश में राज किया, उन्होंने भ्रष्टाचार और अपराध के सिवाय राज्य को कुछ भी नहीं दिया।.उन्होंने कहा कि देश के बहुत सारे राज्यों का पूरे साल का बजट भी इतना नहीं होता, जितना आज यहां एक ही कार्यक्रम में भारत सरकार लगा रही है और ये दिखाता है कि मध्य प्रदेश के लिए हमारे संकल्प कितने बड़े हैं।.इससे पहले, प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं की आधारशीला रखी, उनमें भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बीना रिफाइनरी में 49,000 करोड़ रुपये की लागत से एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और राज्य भर में 1,800 करोड़ रुपये की 10 नयी औद्योगिक परियोजनाएं शामिल हैं।.
नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर ‘घमंडिया’ कहकर निशाना साधे जाने के बाद बृहस्पतिवार को उन पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि वह सरकारी आयोजनों का इस्तेमाल विपक्ष को अपमानित करने के लिए कर रहे हैं।.कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री बीना में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। लेकिन इस अवसर पर उन्होंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया वह प्रधानमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप बिल्कुल भी नहीं थी। उनका भाषण राजनीतिक विद्वेष से भरा हुआ था। उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन को लेकर कई तरह की हल्की बातें कही।’’.

