
मुंबई, 15 दिसंबर (भाषा)।
अयोध्या में मस्जिदमोहम्मद बिन अब्दुल्ला की आधारशिला अगले साल रखे जाने की संभावना है और समारोह के लिए संतों, पीर एवं मौलवियों को आमंत्रित किया जाएगा। परियोजना से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।इस मस्जिद के निर्माण का काम इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (आईआईसीएफ) को सौंपा गया है। अयोध्या मस्जिदविकास समिति के अध्यक्ष हाजी अरफात शेख ने कहा कि जब मस्जिद अगले पांच से छह वर्षों में तैयार हो जाएगी, तो मक्का मस्जिद में नमाज का नेतृत्व करने वाले इमाम-ए-हरम सहित सभी देशों के शीर्ष मौलवियों को आमंत्रित किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के नेता और महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष शेख ने कहा कि मस्जिद प्रतिष्ठित ताज महल से भी अधिक सुंदर’ होगी। शेख ने कहा, हम आधारशिला रखने के लिए देश भर से संतों और पीरों को आमंत्रित करेंगे, जो अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है। पैगंबर के नाम पर मस्जिद को मोहम्मद बिन अब्दुल्ला नाम दिया गया है। इसका निर्माण अयोध्या से 25 किलोमीटर दूर धन्नीपुर में एक अलग स्थान पर किया जाएगा। यह भूखंड अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुसलमानों को दिया गया है। इंडो-इस्लामिक कल्चरलफाउंडेशन के अध्यक्ष और मुख्य टूरटी जुफर अहमद फारूकी ने कहा, हम अगले साल गरिजद की आधारशिला रखने की उम्मीद कर रहे हैं और हम समारोह के लिए देश भर से मौलवियों को आमंत्रित करेंगे । गौर तलब है 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का लोकार्पण किया जाना है इस तरह अयोध्या में एक नई धार्मिक भव्य इमारत का शिलान्यास अगले साल देखने को मिलेगा।
बता दें कि मस्जिद का निर्माण अयोध्या से 25 किमी दूर धन्नीपुर में उस भूखंड पर किया जा रहा है, जो यूपी सरकार ने अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुस्लिम पक्ष को दिया था। अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जगह एक अलग स्थान पर प्रस्तावित मस्जिद ‘मोहम्मद बिन अब्दुल्ला’ की आधारशिला इमाम-ए-हरम या मक्का के काबा में पवित्र मस्जिद के परिसर में नमाज पढ़ाने वाले इमाम द्वारा रखी जाएगी।
भोपाल | 15 दिसंबर को मध्य प्रदेश सरकार में दो आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है जिसमें राघवेंद्र कुमार सिंह को जो अब तक मध्यप्रदेश मेंप्रमुख सचिव मध्यप्रदेश ,खनिज साधन शासन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अटल बिहारी वाजपेई विश्लेषण संस्थानका काम देखते थे अब उन्हें प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश, एवं लोक सेवा प्रबंधन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है इसी तरह मनीष रस्तोगी को जो लोक सेवा प्रबंधन का काम देख रहे थे प्रमुख सचिव बनाया गया|

