आंबेडकर नहीं होते तो नेहरू एससी और एसटी को आरक्षण देते..-मोदी//कलेक्टर ने दिया कॉन्वेंट स्कूल मनमानी फीसलौटाने का आदेश 

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मोतिहारी (बिहार): 21 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बाबासाहब भीमराव आंबेडकर नहीं होते तो पंडित जवाहरलाल नेहरू अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को आरक्षण नहीं मिलने देते।बिहार के पूर्वी चंपारण संसदीय क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘बाबासाहब आंबेडकर ना होते तो नेहरू जी एससी-एसटी को आरक्षण नहीं मिलने देते। उन्होंने तो मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसका विरोध किया था। नेहरू जी से लेकर राजीव गांधी तक इस परिवार के जितने प्रधानमंत्री हुए, सबने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास एक ही वोट बैंक आज बचा है और वे उसे खुश करने के लिए एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण धर्म के आधार पर आपसे छीनकर ‘वोट जिहाद’ वालों को देना चाहते हैं। संविधान इसकी इजाजत नहीं देता इसलिए ये संविधान बदलना चाहते हैं।’’

नयी दिल्ली: 21 मई (भाषा) कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा भगवान जगन्नाथ के संदर्भ में की गई टिप्पणी की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान करने का पाप हुआ है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह दावा भी किया कि भाजपा के लोगों ने हिंदू देवी-देवताओं को प्रधानमंत्री मोदी के बताकर कई बार आस्था का अपमान किया है।

नयी दिल्ली: 21 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर कथित तौर पर हमला करने और उन पर स्याही फेंकने के मामले में 41 वर्षीय एक व्यक्ति को मंगलवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि आरोपी अजय कुमार को न्यू उस्मानपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। यह घटना इसी इलाके में हुई थी।

कलेक्टर ने दिया कॉन्वेंट स्कूल मनमानी फीसलौटाने का आदेश 

ग्वालियर जिले में बड़े-बड़े कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूलने के मामले में कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मनमानी फीस बढ़ाकर वसूलने के मामले में तीन बड़े स्कूल के प्रबंधन को 15 लाख 21 हजार रुपये बच्चों के अभिभावकों को लौटाने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि यह राशि 30 दिन के अंदर उनके खातों में वापस लौटाएं। फीस वापस कराने का यह ग्वालियर का तो पहला मामला है ही, साथ ही संभवतः मध्यप्रदेश में भी पहली मर्तवा है। जब ऐसा आदेश जारी किया गया हो।ग्वालियर में अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधकों/प्राचार्यों द्वारा पिछले शैक्षणिक सत्र 2023-24 की तुलना में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए फीस वृद्धि किए जाने के कारण विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर जिले के 35 शासकीय विद्यालयों को शिक्षा विभाग के माध्यम से कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए। विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत जवाबों का परीक्षण किया गया। परीक्षण उपरान्त पाया गया कि जिले की तीन विद्यालयों द्वारा 10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि की गई है। इन तीनों विद्यालयों को संबंधित छात्रों/पालकों और अभिभावकों को उनके खाते में ऑनलाइन बैकिंग के माध्यम से 30 दिवस में राशि वापस करने के आदेश कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा जारी किए गए हैं। (SABHAR AMARUJALA)

 


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