
अमरावती: 12 जून (भाषा) तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका चौथा कार्यकाल होगा।जनसेना प्रमुख एवं अभिनेता पवन कल्याण ने नायडू मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली।चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश ने भी मंत्री पद की शपथ ली।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी अमित शाह, नितिन गडकरी, जे पी नड्डा और कई अन्य नेता एवं प्रमुख हस्तियां शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थीं। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और अभिनेता रजनीकांत तथा चिरंजीवी भी इस मौके पर मौजूद थे।आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को शपथ दिलाई.(छायाचित्र साभार)
कोलकाता: 12 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने बुधवार को कहा कि वह सोशल मीडिया पोस्ट में उनके खिलाफ कथित तौर पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने के लिए कोलकाता के अधिवक्ता शांतनु सिन्हा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे।मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शांतनु सिन्हा की सात जून 2024 की निंदनीय फेसबुक पोस्ट ने एक समझौतावादी राजनीतिक व्यवस्था का भूत अथवा संकट खड़ा कर दिया है। यह व्यवस्था महिलाओं को वस्तु के रूप में देखती है।’’शांतनु सिन्हा नामक एक व्यक्ति ने बीजेपी IT सेल के हेड अमित मालवीय पर महिलाओं के यौन शोषण में “संलिप्त” होने का आरोप लगाया.
नयी दिल्ली: 12 जून कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी को लेकर बुधवार को उन पर निशाना साधा और दावा किया कि जब आरएसएस अप्रासंगिक हो गया तो भागवत के बोलने का क्या फायदा है।पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि बीते 10 वर्षों में भागवत ने कई अहम मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी थी, लेकिन अब बोल रहे हैं।खेड़ा ने एक बयान में कहा, ‘मोहन भागवत, जो बीज आपने बोया था, अब वह लहलहाता हुआ बबूल का वृक्ष, वृक्षासन लगा रहा है। दोष माटी का नहीं है, दोष माली का है। और वो माली आप हैं। ’उनका कहना था, ‘जब किसान राजधानी के बाहर मौसम और पुलिस की मार खा रहे थे, आप चुप थे। जब हाथरस में
एक दलित बच्ची का बलात्कार और हत्या कर दी गई, आप चुप थे। जब बिल्कीस बानो के बलात्कारियों की रिहाई हुई और आपके वैचारिक बंधुओं ने उनका स्वागत किया, आप चुप थे। जब दलितों के मुंह में पेशाब किया जा रहा था, आप चुप थे। जब पहलू ख़ान व अख़लाक़ को मारा गया, आप चुप थे और जब कन्हैया लाल के हत्यारों का भाजपा से संबंध उजागर हुआ, आप चुप थे। ’ खेड़ा ने कहा, ‘आपकी (भागवत) चुप्पी ने और नरेन्द्र मोदी ने आपको और संघ को अप्रासंगिक बना दिया है। अब बोल कर क्या फायदा?’कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘भागवत जी, याद है वह संत कबीर का दोहा: करता रहा सो क्यों किया, अब करी क्यों पछताए। बोये पेड़ बबूल का, अमुआ कहां से पाए। पर कहते हैं न कि अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।’

