
नई दिल्ली। पांच दिन अभी देसी गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं और इसके लिए आम आदमी को सतर्क रहना चाहिए अपनी जीवन यात्रा अपनी सुरक्षा अपने हाथ है ना सरकार के साथ और ना ही अति आत्मविश्वास में अपने को जोखिम में डालिए क्योंकि उत्तर भारत में गर्मी से राहत नहीं, देश में लू के दिन बढ़ेहैं।
अखबार दैनिक जनसत्ता का कहना हैउत्तर भारत में अभी भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है।
जून में गर्मी के दिनों में रेकार्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। लोगों को अगले पांच दिन और लू के थपेड़ों का सामना करना
पड़ेगा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार व उत्तर प्रदेश ही नही बल्कि जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल
प्रदेश व उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाके भी लू व भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
उत्तर भारत के निचले हिस्से में मध्य प्रदेश का शहडोल भी पड़ता है।
अखबार दैनिक जनसत्ता का कहना है मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं से उत्तर भारत के मौसम पर आंशिक प्रभाव तो पड़ सकताहै, लेकिन लू से पूरी तरह छुटकारा नहीं मिलेगा। वहीं मौसम
संबंधी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि गर्मी बढ़ाने वाली अलनीनो कमजोर पड़ने व लानीना के लिए जुलाई से स्थितियां
अनुकूल बनेगी। इससे मानसून के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद की जा सकती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस साल गर्मी के दिन तो बड़े ही हैं, गर्मी का दायरा भी बढ़ा है। मैदान ही नहीं,बल्कि गर्मी से पहाड़ भी. झुलस रहे हैं। इस बार गर्मी के दिन यानी लू भरे दिनों की संख्या भी अधिक है।
विभाग के अनुसार, इस बार
एक मार्च से नौ जून के दौरान ओड़ीशा में 27 दिन लू चली, जो देश में सबसे अधिक है। यहां सामान्य से 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्रीअधिक तापमान वाले दिन ज्यादा रहे। इससे भी अधिक अंतर होने पर भीषण लू कि स्थिति मानी जाती है। इसके बाद पश्चिम राजस्थान रहा, जहां 23 दिन तक लूचली। पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में लोगों को 21 दिन तू केथपेड़े झेलने पड़े। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली व पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 दिन लू चली।
इसी तरह पश्चिम मध्य प्रदेश में 19 दिन, गुजरात और पूर्वी राजस्थान में 17-17 दिन लू वाले रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश जैसे ठंडे व ऊंचाई वाले इलाकों में भी 12 दिन तक लू चली। इसके बाद सिक्किम में 11, जम्मू-कश्मीर में छह दिन और उत्तराखंड में दो दिन लू भरे रहे।
पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति संभव है।मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओड़ीशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। पश्चिमी हवाओं में एक नर्त के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसको धुरी समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर बनी हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, तेलंगाना और जम्मू- कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश हुई सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, और मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।

