
नयी दिल्ली: 20 जून समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार आज राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला देश में फैल गया है मध्य प्रदेश,गुजरात और उत्तर प्रदेश पेपर लिखकरबड़े सेंटररहे हैं उन्होंने कहाकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट और नीट-यूजी की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मनोवैज्ञानिक रूप से टूट चुके हैं और सरकार चलाने के लिए संघर्ष करेंगे।उन्होंने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध रोक देते हैं, लेकिन पेपर लीक को रोक नहीं पा रहे या फिर इसे रोकना नहीं चाहते हैं। यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द करने और नीट में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विभिन्न विश्वविद्यालयों के दो दर्जन से अधिक छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्यों को गुरुवार को हिरासत में लिया गया। छात्रों को शिक्षा मंत्रालय के बाहर और यहां मध्य दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर से हिरासत में लिया गया। छात्रों के इस प्रदर्शन में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फ्रंट (डीएसएफ), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) और कांग्रेस से संबद्ध एनएसयूआई जैसे राजनीतिक संगठनों के सदस्यों समेत बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। छात्र शिक्षा मंत्रालय और प्रधान के आवास के बाहर एकत्र हुए और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर प्रतिबंध लगाने और कथित पेपर लीक की जांच की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार देर रात यूजीसी-नेट परीक्षा की शुचिता से समझौता किए जाने की सूचना मिलने के बाद इसे रद्द करने का आदेश दिया। “हमने 4 जून को घोषित NEET-UG के परिणाम में भारी विसंगतियां देखी हैं। NEET के अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे हैं। हालांकि NTA और MoE ने उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
प्रेस के कुछ वर्गों में यह बताया गया है कि नीट (एनईईटी) पेपर लीक मामले से संबंधित आरोपी पटना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के गेस्ट हाउस में रुके थे। एनएचएआई यह स्पष्ट करना चाहता है कि एनएचएआई के पास पटना में कोई गेस्ट हाउस की सुविधा नहीं है। तदनुसार, मीडिया से यह अनुरोध किया जाता है कि वह इस तथ्य पर ध्यान दे और यदि पहले कोई गलत रिपोर्ट जारी की जा चुकी है तो उसे सही करे।
नयी दिल्ली: 20 जून समाचार एजेंसी भाषा के अनुसारदेश के एक बड़े हिस्से में जारी भीषण गर्मी की वजह से इस वर्ष एक मार्च से लेकर 18 जून तक कम से कम 114 लोगों मौत हुई है और 40,984 लोगों को संदिग्ध तापघात से जूझना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गर्मी से संबंधित बीमारी और मृत्यु निगरानी के तहत जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, गर्मी से उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित है जहां लू और तापघात से करीब 37 लोगों की मौत हई है। इसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा में लोगों की जान गई है।

