
मुंबई जनसत्ता में प्रकाशित समाचार के अनुसार18वीं लोकसभा ससद गठन होने के बाद भारतीयमुद्रा काअवमूल्यन₹83 57 पैसा प्रति डॉलरहो गया क्योंकिक्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई है.यह एक प्रकार से अर्थव्यवस्था में डॉलर का भारतीय लोकतंत्रका स्वागत कहलाएगा .इस स्वागत अपमान के लिए हमारा लोकतंत्र कितना तैयार है और कितना जवाब दे पता है यह तो वक्त बताएगा किंतु यह सुनिश्चित हैकि पिछले 10 साल में नरेंद्र मोदी की सरकारके भारतीयमुद्रा काअवमूल्यन अपने रिकार्ड स्तर पर आ पहुंचा..अपनी अपनी एकाधिकार की राजनीति का सपना देखने वाले राजनेता नरेंद्र मोदी केलिए भारतीय मुद्रा का इस कदर गिर जाना बेहद अपमानजनककहलायेगा,उन्होंने ही पूर्व प्रधानमंत्री अर्थशास्त्रीडॉ मनमोहन सिंह के बारे में तंज करते हुए कहा था मुद्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब धीरे-धीरे पहुंच रहा है.

