देशभर में बृहस्पतिवार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इसके साथ ही नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का समापन हो गया और लोग रावण के पुतलों का दहन देखने के लिए रामलीला मैदानों में उमड़ पड़े।हालांकि, शाम को दिल्ली समेत कुछ स्थानों पर बारिश ने खलल डाल दिया। बारिश से रावण के पुतले भीग गए और इस वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा।अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी को इंद्रप्रस्थ रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित ‘रावण दहन’ कार्यक्रम में शामिल होना था, जिसे अचानक भारी बारिश के कारण रद्द कर दिया गया, जबकि अमित शाह बारिश के कारण पीतमपुरा में एक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।रावण के अलावा, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले भी खुले मैदान में दहन किये गए। मैसुरु में 11 दिवसीय दशहरा उत्सव और पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का भी समापन हो गया।
मध्य प्रदेश में दो दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्राओं के दौरान हादसा हुआ जिसमें दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई।खंडवा जिले के पंधाना इलाके में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के झील में गिर जाने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। ट्रॉली पर दुर्गा प्रतिमाएं रखी हुई थीं।उज्जैन जिले के नरसिंह गांव के पास 12 लोगों और दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के चंबल नदी में गिर जाने से 8 और 16 वर्षीय दो लड़कों की मौत हो गई जबकि एक लड़का लापता हो गया।राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लाल किले पर दशहरा समारोह में शामिल हुईं और माधवदास पार्क में “रावण दहन” के दौरान प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाया। बारिश के बीच कई लोगों ने छाते लेकर यह कार्यक्रम देखा।मुर्मू ने कहा कि यह त्योहार हमेशा से बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर विनम्रता और घृणा पर प्रेम की विजय का प्रतीक रहा है।
वांगचुक की गिरफ्तारी अवैध’, पत्नी का दावा- पीएम-राष्ट्रपति ने अभी तक नहीं दिया चिट्ठी का जवाब
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद से देशभर इस मामले को लेकर बातचीत तेज है। ऐसे में इस मामले में चर्चा और ज्यादा तेज तब हो गई जब वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में तुरंत रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद उनकी कथित गैरकानूनी गिरफ्तारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कही से कोई जवाब नहीं मिला है।
‘वांगकुच की गिरफ्चारी गैरकानूनी’बातचीत के दौरान गीतांजलि ने साफ-साफ कहा कि मैंने चिट्ठी में साफ लिखा कि उनकी गिरफ्तारी गैरकानूनी है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। वो देश की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं हैं। अंगमो ने कहा कि मैंने उनसे मिलने की अनुमति भी मांगी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसी वजह से हमें सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर करनी पड़ी।
लद्दाख हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकता, माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: उपराज्यपाल
जम्मू: (3 अक्टूबर) उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान और चीन से घिरा लद्दाख हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकता, लेकिन कुछ लोग केंद्र शासित प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें चार लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। उन्होंने शहर में तेजी से सुधरते हालात पर भी संतोष व्यक्त किया, जहाँ अधिकारियों ने कई दिनों की संक्षिप्त ढील के बाद गुरुवार को पूरे दिन के लिए कर्फ्यू में ढील दी।पीटीआई वीडियो से बात करते हुए, गुप्ता ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 पूरे लद्दाख में लागू है, जो 24 सितंबर की घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाती है।
पाकिस्तानी पत्रकारों ने प्रेस क्लब में कार्रवाई की निंदा की, सरकार ने जांच का आदेश दिया
इस्लामाबाद: तीन अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के पत्रकारों ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक प्रेस क्लब में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और पत्रकारों के साथ मारपीट के लिए संघीय सरकार की आलोचना की है, वहीं गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।इस्लामाबाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी के विरोध प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करते हुए नेशनल प्रेस क्लब पर हमला किया। टीवी फुटेज में पुलिसकर्मियों को प्रेस क्लब परिसर में पत्रकारों पर लाठियां बरसाते हुए देखा जा सकता है।


