

नई दिल्ली
WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कुछ कोच पर ओलिंपिक विजेता खिलाड़ियों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 200 से ज्यादा खिलाड़ी बुधवार यानी 18 जनवरी से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोपों के बाद खेल मंत्रालय भी मामले को लेकर तुरंत एक्टिव हो गया। बुधवार देर रात उसने कुश्ती संघ को नोटिस भेजा और 72 घंटे में जवाब देने को कहा। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दे डाली। खेल मंत्रालय से मीटिंग खत्म होने के बाद पहलवानों ने मीडिया से बातचीत की।
हमारा एक-एक दिन कीमती है। हमारे जो आरोप हैं, वो सच्चे हैं। हमें मजबूर न किया जाए हम अपने सम्मान के लिए लड़ रहे हैं। हम पूरे देश को यह नहीं बताना चाहते कि देश की बेटियों के साथ क्या हुआ है। जिस दिन सारी लड़कियां मीडिया को बताएंगी कि हमारे साथ क्या हुआ, वो कुश्ती का दुर्भाग्य होगा।विनेश
खिलाड़ियों के चेतावनी का परिणाम यह रहा कि खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आकर स्पष्ट किया कि वह खिलाड़ियों से मिलेंगे और उनकी हर समस्या का निदान करेंगे| अब यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आखिर उन्होंने अध्यक्ष की पर लगे गंभीर आरोपों के बाद उनसे इस्तीफा क्यों नहीं लिया है …?जबकि विनेश फोगाट जैसी खिलाड़ी महिला खिलाड़ियों की अस्मिता पर आक्रोश प्रकट कर रही थी कि शासन उन्हें तवज्जो नहीं दे रही है|
