
कट पेस्ट 
हंगामा है क्यों बरपा थोड़ी सी, जो पी ली है..
( त्रिलोकीनाथ)
प्याली में तूफान है या तूफान में प्याली फस गई है… इन दिनों इस बारे में मंथन जोर से चल रहा है| कारण है की कोई अरबपति हैं मिस्टर सोरोस जिन्होंने अपनी भड़ास नरेंद्र मोदी की सरकार पर निकाल दी है ,भड़ास इतनी बदबूदार है की केंद्र सरकार के महिला से लेकर पुरुष मंत्री तक उससे नाक भौं सिकोड़ रहें और उसे उस अरबपति को गाली भी दे रहे हैं… भाषा थोड़ा सा बड़े आदमी जैसी लगती है किंतु शैली ऐसी है जैसे चलते हुए मदमस्त हाथी को कुछ लोग भोकने लगे हैं… थोड़ा और शिष्ट भाषा में कहें तो जैसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि “…..कुत्ते भोंकते रहते हैं” और फिर प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी ने उत्तर दिया था कि हां वह कुत्ता है किंतु वफादार कुत्ता है…बहरहाल पहले जानने का प्रयास करें कि कौन हाथी है ,कौन कुत्ता है, भड़ास क्या है और बदबू क्या है तो इन बयानों को देखें….
उदारवादी मुद्दों का समर्थन करने वाले 92 वर्षीय कारोबारी सोरोस ने गुरुवार को कहा था कि गौतम अडाणी के कारोबारी साम्राज्य में जारी उठापटकसरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पकड़ को कमजोर कर सकती है।सोरोस ने पिछले दिनों कहा कि भारतीय व्यवसायी गौतम अडाणी के कारोबारी साम्राज्य में उथल-पुथल ने निवेश के अवसर के रूप में भारत में विश्वास को हिला दिया है और यह भारत में ‘लोकतांत्रिक पुनरुद्धार’ के द्वार खोल सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी लोकतांत्रिक नहीं हैं।
जार्ज सोरोस बूढ़े, धनी, पूर्वाग्रही और खतरनाक : जयशंकर
विदेश मंत्री
ने कहा कि सोरेस चाहते हैं दुनिया उनके विचारों से चले. एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि अरबपति
निवेशक जार्ज सोरोस बूढ़े, धनी, पूर्वाग्रही और खतरनाक हैं और विमर्श गढ़ने के लिए संसाधनों का निवेश करते हैं।
जो अभी भी यह सोचते हैं कि दुनिया कैसे काम करती है, वह उनके विचारों के आधार पर तय हो ।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘हम उन बाहरी हस्तक्षेप के कारण पैदा होने वाले खतरों के बारे में जानते हैं। अगर आप इस प्रकार
का भयादोहन करेंगे, तब इससे वास्तव बाकी में समाज के तानेबाने को नुकसान पहुंचेगा। (नई दिल्ली, 18 फरवरी)
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सोरोस का एलान भारत के खिलाफ युद्ध थोपने जैसा है और इस युद्ध तथा भारत के हितों के बीच में नरेंद्र मोदी खड़े हैं। सभी को एक स्वर में सोरोस की टिप्पणी
की निंदा करनी चाहिए। ईरानी ने कहा कि सोरोस जैसे आलोचकों ने भारत पर हमला इसलिए शुरू कर दिया है
क्योंकि वह दुनिया की
पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की सरकार और प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी ऐसे गलत इरादों के सामने नहीं झुकेंगे।जब-जब हिंदुस्तान को चुनौती दी गई, हमने विदेशी ताकतों को पहले भी हराया है और आगे भी हराते रहेंगे। स्मृति ईरानी ने संवाददाताओं से कहा कि सोरोस
का एलान भारत के खिलाफ युद्ध थोपने जैसा है और इस युद्ध तथा भारत के हितों के बीच में नरेंद्र मोदी खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सभी कोएक स्वर में सोरोस की टिप्पणी की निंदा करनीचाहिए। (जनसत्ता नई दिल्ली, 17 फरवरी)
केंद्र की सत्ताधारी पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि सोरोस भारतीय लोकतंत्र को तबाह करना चाहते हैं और उनकी मंशा है कि यहां कुछ चुनिंदा लोग सरकार चलाएं। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि भारत में नेहरूवादी विरासत यह सुनिश्चित करती है कि सोरोस जैसे लोग भारतीय चुनावों के परिणाम तय नहीं कर सकते।
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री से जुड़ा अडाणी घोटाला भारत में लोकतांत्रिक पुनरुत्थान शुरू करता है या नहीं, यह पूरी तरह कांग्रेस, विपक्ष व हमारी चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर है। इसका सोरोस से कोई लेना-देना नहीं है। रमेश ने इस बात पर जोर दिया कि हमारी नेहरूवादी विरासत सुनिश्चित करती है कि उन जैसे लोग हमारे
चुनाव परिणाम तय नहीं कर सकते।
क्या केंद्र सरकार इतनी कमजोर है कि सोरोस के एक बयान से गिर जाएगी’:चिदंबरम
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अमेरिकी अरबपति जार्ज सोरोस की एक हालिया टिप्पणी की पृष्ठभूमि में शनिवार
को कहा कि क्या केंद्र सरकार इतना कमजोर है कि सोरोस के एक बयान भर से गिर जाएगी।![]()
उन्होंने ट्वीट किया कि भारत के लोग तय करते हैं कि कौन सरकार में होगा और कौन इससे बाहर होगा। मैं नहीं
जानता था कि मोदी सरकार इतनी कमजोर है कि 92 साल के एक अमीर विदेशी नागरिक के बयान से गिर जाएगी। ( 18 फरवरी (भाषा)

