नई दिल्ली,
हंगामे की वजह से लोकसभा में बिना चर्चा दी गई मंजूरी वित्तीय विनियोग विधेयक ध्वनिमत से पारित केंद्र सरकार को वित्त वर्ष के सदस्य अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग को लेकर अध्यक्ष के आसन के समीप नारेबाजी कर रहे थे। इससे पूर्व लोस को अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले 11 बजे और फिर दोपहर दो बजे हंगामे की वजह से स्थगित करनी पड़ी थी। शाम छह बजे भी चंद ही मिनटों में सरकार ने अपना कामकाज निपटाया और वित्तीय विनियोग ध्वनिमत से पारित बिना चर्चा वित्तीय विनियोग विधेयक लोकसभा से ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित अनुदान मांगों को लोकसभा (लोस) की अनुमति के लिए पेश किया और उनसे संबंधित विनियोग विधेयक को एक साथ बिना चर्चा के (गिलोटिन) मंजूरी प्रदान कर दी।
इसके माध्यम से केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत की संचित निधि से करीब 45 लाख करोड़ रुपए निकालने को अधिकृत किया 2023-24 के लिए भारत की संचित निधि से करीब 45 लाख करोड़ रुपए निकालने को अधिकृत किया गया है ताकि वह कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू करने के लिए इसका उपयोग कर सके।
ताकि वह कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू करने के लिए इसका उपयोग कर सके।मंजूरी के समय सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे और कांग्रेस एवं कुछ अन्य विपक्षी दलों कर शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया। हंगामे की वजह से उच्च सदन को पहले ही स्थगित कर दिया गया था।(SABHARजनसत्ता)

