‘वोट चोरी’,चुनावी धांधली के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्ष सांसदों हिरासत में ;आरोप को ‘‘झूठ’’ करार दिया भाजपा ने

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नयी दिल्ली: 11 अगस्त (भाषा) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित चुनावी धांधली के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे फिर से शुरू होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर (संख्यांक 2) विधेयक, 2025 और कराधान अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया।खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया।इसके बाद, राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025 को विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इन दोनों विधेयकों को सदन में 23 जुलाई को पेश किया गया था। सदन में इन पर आज चर्चा शुरू हुई और इन्हें पारित कर दिया गया।गौरतलब है कि कांग्रेस समेत विपक्ष के अनेक दलों के सांसदों ने एसआईआर के विरोध में आज संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च निकाला और उन्हें संसद मार्ग पर पीटीआई बिल्डिंग के पास रोक लिया गया और बाद में हिरासत में लिया गया। सदस्यों को बाद में संसद मार्ग थाने से छोड़ा गया।सदन में शोर-शराबा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति संध्या राय ने अपराह्न करीब पौने तीन बजे सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया, वहीं विपक्षी सांसद हंगामा करते हुए आसन के समीप आ गए।बिरला ने प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से कहा, ‘‘आपको नारेबाजी करना है, तख्तियां दिखाना है और प्रदर्शन करना है तो संसद परिसर के बाहर कीजिए। संसद महत्वपूर्ण चर्चा और विधेयक पारित करने के लिए है।’’उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता यह सब देख रही है। सदन की कार्रवाई चलने दें। मैं सभी सदस्यों को हर विषय पर बोलने का पर्याप्त अवसर दूंगा।’’शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने 11 बजकर 14 मिनट पर कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि सदन में कामकाज के नियमों और परिपाटियों के तहत निर्वाचन आयोग के कार्यक्षेत्र से संबंधित विषय पर लोकसभा में चर्चा नहीं हो सकती। विपक्ष ने जोर दिया है कि सरकार को चुनाव में धांधली के व्यापक मुद्दे पर चर्चा करानी चाहिए क्योंकि इस विषय पर पहले भी संसद में चर्चा हुई है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और पूर्व के चुनावों में कथित ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर सोमवार को विपक्षी दलों की आलोचना की तथा उन पर देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ दल और निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप को ‘‘झूठ’’ करार दिया और कहा कि कांग्रेस इस तरह के हथकंडे अपना रही है, क्योंकि उसके पास कोई अन्य मुद्दा नहीं है।

आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में भेजने का न्यायालय का फैसला स्वातयोग्य : आरएडब्ल्यू नयी दिल्ली: 11 अगस्त (भाषा)दिल्ली के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के साझा मंच ने आवारा कुत्तों को आठ सप्ताह के भीतर आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश का स्वागत किया और कहा कि कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों से परेशान लोगों के लिए यह बहुत जरूरी राहत है।आरडब्ल्यूए की शीर्ष संस्था यूनाइटेड रेजिडेंट ज्वाइंट एक्शन (यूआरजेए) के अध्यक्ष अतुल गोयल ने सोमवार को कहा कि कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और यह आदेश इस समस्या से राहत दिलाने में मदद करेगा।
विभिन्न राज्यों में सीवेज उपचार संयंत्र

नदियों की सफाई/कायाकल्प एक सतत प्रक्रिया है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और स्थानीय निकायों का यह प्राथमिक उत्‍तरदायित्‍व है कि वे सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट को प्राप्तकर्ता जल निकायों या भूमि में छोड़ने से पहले, उसमें प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण हेतु आवश्यक उपचार सुनिश्चित करें।  इसके अतिरिक्‍त, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) और स्मार्ट सिटी मिशन जैसे कार्यक्रमों के तहत सीवरेज अवसंरचना का निर्माण किया जाता है।पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एनआरसीपी) के अंतर्गत 1,573.13 करोड़ रुपये और नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 7,900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्यवार विवरण नीचे दिया गया है।जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।देश में नदियां शहरों/कस्बों से अनुपचारित, आंशिक रूप से उपचारित घरेलू सीवेज, उनके संबंधित जलग्रहण क्षेत्रों में औद्योगिक अपशिष्ट और प्रदूषण के अन्य गैर-बिंदु स्रोतों जैसे क्षरण, कृषि अपवाह, सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी)/अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (ईटीपी) के अनुपयुक्‍त प्रचालन और रखरखाव तथा ठोस अपशिष्ट डंपिंग स्थलों आदि से अपवाह के कारण प्रदूषित हैं। त्‍वरित शहरीकरण और औद्योगिकीकरण ने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।PIB Delhi

 

 


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