भाजपा का “वन नेशन वन इलेक्शन” , डीलिमिटेशन, और “एस आइ आर” संयुक्त औजार लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक प्रयोग: योगेंद्र यादव//जब तक ऐसी जांच नहीं होती, मैं जेल में रहने को तैयार हूं

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भाजपा का “वन नेशन वन इलेक्शन” , डीलिमिटेशन, और “एस आइ आर” संयुक्त औजार लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक प्रयोग: योगेंद्र यादव

आज पटना में चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह तीन तरीके आजमा कर बिहार में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करना चाहती है उन्होंने कहा वह एक साथ तीन औजार के जरिए सत्ता को परमानेंट बनाना चाहती है। जिसमें पहला , वन नेशन वन इलेक्शन (एक राष्ट्र एक चुनाव एक साथ हो) दूसरा है डीलिमिटेशन (विधानसभा और लोकसभा संसदीय क्षेत्र का पुनर्सीमन और इनकी संख्या बढ़ाया जाना) और तीसरा है एस आइ आर (गहन पुनरीक्षण अभियान)।
अपनी बात की गंभीरता को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा पानी के बहाव में लाशें बहा करती हैं जिंदा इंसान वही है जो बहाव के विरुद्ध तैरना जानता हो।
उन्होंने कहा भाजपा लोकतंत्र के चरित्र को एक साथ तीन तरीके से बदलना चाहती है वह बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को सामने से वार नहीं कर सकती इसलिए पिछले दरवाजे से वार कर रही है।
योगेंद्र यादव ने कहा इंदिरा गांधी के डिक्टेटरशिप की याद कीऔर कहा 20वीं सदी और 21वीं सदी के वर्तमान डिक्टेटरशिप में फर्क यह है कि पहले डिक्टेटरशिप फौजी ड्रेस पहन कर आता था अब वह कुर्ता पजामा पहन कर आता है। उन्होंने नरेंद्र मोदी को तंज करते हुए कहा पहले डिक्टेटरशिप (तानाशाही) आकर कहती थी कि संविधान आज से खत्म हुआ, लेकिन आपका डिक्टेटरशिप संविधान को उठाकर अपने माथे पर लगता है।

योगेंद्र ने कहा यह सिर्फ भारत की बात नहीं है दुनिया में यही तरीका अपनाया जा रहा है और देखा भी जा रहा है उन्होंने अन्य देशों को हवाला देते हुए कहा लोकतंत्र को लोगों के नाम पर ध्वस्त किया जा रहा है।
योगेंद्र यादव ने चेतावनी दी की वन नेशन वन इलेक्शन बीजेपी के इलेक्शन को सुचारू बनाने की प्रक्रिया है।
डीलिमिटेशन को परिभाषित करते हुए उन्होंने बताया की किस प्रकार से ध्रुवीकरण किया जाएगा साथ ही आंकड़ों के जरिए छोटे राज्यों में सीटों के काम हो जाने की भी बात उन्होंने बताई जो सीधे विपक्ष को नुकसान पहुंचता है जबकि जहां भाजपा की संभावित जीत है वहां पर सीटों के बढ़ाने की संभावना को भी उन्होंने प्रदर्शित किया।
योगेंद्र यादव ने बताया की किस प्रकार से अमेरिका में एक प्रकार का एस आइ आर चला कर कमजोर वर्ग के वोटरों को खत्म कर दिया गया क्योंकि मतदाता होने की जो जिम्मेदारी चुनाव आयोग को सुनिश्चित करनी थी अब वह मतदाता के ऊपर कुछ शर्तों के साथ मतदाता होने की जिम्मेदारी थोप दी गई है और वह भी उन प्रपत्रों को आधार बनाकर जो अक्सर उपलब्ध नहीं होते। उनके अनुसार इस प्रक्रिया से अमेरिका में 20 से 25 परसेंट वोटर कम हो जाते हैं जो प्रायः कमज़ोर अथवा अश्वेत वर्ग के होते हैं। इसी तरह भारत में भी जो कमजोर वर्ग है अथवा उसके पास वह प्रपत्र नहीं है जो कि निर्वाचन आयोग ने उसे देने को बात किया है वह मतदान से वंचित कर दिया जाएगा जबकि भारत में कुछ हो या ना हो हर नागरिक को मतदान देने का 5 साल में अवसर जरूर एक बार आता है वह भी उसे छीन लिया जाएगा।
उन्होंने बिहार का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान सूची में आप कह सकते हैं कि 8% के करीब ही वोट कम हुए हैं वह इसलिए कि चुनाव आयोग के सामने यह दिखाना था कि यह 20% 25% नहीं है इसलिए जो काम मतदाता को चुनाव आयोग ने सौंपा था वह काम घर बैठे अपने अधिकारियों से फॉर्म भर कर मतदाताओं का प्रतिशत बढ़ाया गया है। किंतु बिहार में इतनी चेतावनी और जागरूकता के बाद यह स्थिति आई है पूरे देश में जरूरी नहीं है ऐसी जागरूकता बनी रहे।
इस प्रकार से आज पटना में योगेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की लोकतंत्र के साथ हो रही धोखाधड़ी के प्रति अपनी बात लोगों को बताई तथा कहा की देश के मतदाताओं को अपने अधिकारों के बारे में सतर्क हो जाना चाहिए। क्योंकि भाजपा जो प्रयोग कर रही है “वन नेशन वन इलेक्शन* के नाम पर*डीलिमिटेशन* के नाम पर अथवा “एस आइ आर” के नाम पर यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक प्रयोग है।(विभिन्न सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के आधार पर)

दार्जिलिंग में बारिश और भूस्खलन से लोगों की मौत दुखद: मुर्मू

नयी दिल्ली: पांच अक्टूबर (भाषा) Droupadi Murmu Oath 15th President of India Jharkhand Governor Draupadi Murmu Journey | Explained: राज्यपाल से देश की 15वीं राष्ट्रपति तक... कुछ ऐसा रहा आदिवासी समुदाय से आने वालीं ...राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण लोगों की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने शोकसंतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहत एवं बचाव कार्यों की सफलता के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

    पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने न केवल लद्दाख के लोगों के संघर्ष में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, बल्कि शांति, एकता और अहिंसा की अपील भी की. अपने वकील के माध्यम से जारी संदेश में वांगचुक ने कहा, “हमारे 4 लोगों की हत्या की स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए. जब तक ऐसी जांच नहीं होती, मैं जेल में रहने को तैयार हूं.”जोधपुर जेल में बंद प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख और भारतवासियों के नाम जेल से एक संदेश भेजा है. अपने वकील के माध्यम से जारी इस संदेश में वांगचुक ने अपनी कुशलता की जानकारी दी है और देशवासियों की चिंता व प्रार्थनाओं के प्रति आभार प्रकट किया है. वांगचुक ने कहा, “मैं शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हूं. आप सभी की चिंता और प्रार्थनाओं के लिए दिल से धन्यवाद.(ज़ी न्यूज़)


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