
उच्चतम न्यायालय के वकील संघ ने सीजेआई के प्रति अपमानजनक व्यवहार की निंदा की
नयी दिल्ली: छह अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी आर गवई की ओर कथित तौर पर जूता उछालने की कोशिश की घटना की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि यह न्यायपालिका की गरिमा तथा संविधान पर हमला है।उच्चतम न्यायालय में सोमवार को कार्यवाही के दौरान 71 वर्षीय एक वकील ने न्यायमूर्ति गवई की ओर कथित तौर पर जूता उछालने की कोशिश की‘सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन’ ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें अदालती कार्यवाही के दौरान एक वकील द्वारा प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी. आर. गवई की ओर कथित तौर पर जूता फेंकने के प्रयास की घटना की कड़ी निंदा की गई।विपिन नायर की अध्यक्षता वाली एसोसिएशन ने इस घटना को एक वकील द्वारा किया गया ‘‘अपमानजनक और असंयमित कृत्य’’ बताया।
बिहार में छह और 11 नवंबर को मतदान, 14 नवंबर को मतगणना
नयी दिल्ली: छह अक्टूबर (भाषा) निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को तारीखों का ऐलान करने के साथ ही बिहार में चुनावी बिगुल बज गया। राज्य विधानसभा चुनाव के लिए आगामी छह नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा तथा मतगणना 14 नवंबर होगी।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दोनों निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की और कहा कि बिहार का चुनाव का सभी चुनावों से अहम (मदर ऑफ ऑल इलेक्शंस) होता है।
जबलपुर में एक दुर्गा पूजा पंडाल में बिजली का करंट लगने से दो बच्चों की मौत
PIB Delhiराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में एक दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर खेलते समय 8 साल और 10 साल के दो बच्चों की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 24 सितंबर, 2025 को तब हुई, जब ये दोनों बच्चे एक लोहे के पाइप के संपर्क में आए। पंडाल के आयोजकों द्वारा बिजली के तार लापरवाही से जोड़े गए थे।आयोग ने टिप्पणी की है कि यदि मीडिया रिपोर्ट की यह सामग्री सत्य है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा उठाती है। इसलिए, आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और जबलपुर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में जांच की स्थिति का विवरण की सम्मिलित करने की आपेक्षा की गई है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जो 25 सितंबर, 2025 को प्रकाशित हुई थीं, इस घटना की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसकी अगुवाई एक सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कर रहे हैं।
जयपुर के अस्पताल में आग लगने से छह मरीजों की मौत, प्रधानमंत्री ने दुख जताया
जयपुर: छह अक्टूबर (भाषा) जयपुर के सरकारी सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात आग लगने से गंभीर रूप से बीमार कम से कम छह मरीजों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दीट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि जब स्टोर रूम में आग लगी, तब न्यूरो गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में 11 मरीजों का इलाज हो रहा था। उन्होंने बताया कि आग लगने का संभावित कारण ‘शॉर्ट सर्किट’ माना जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी त्रासदी पर दुख व्यक्त
वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र, लद्दाख को न्यायालय का नोटिस
नयी दिल्ली: छह अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिये जाने को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की एक याचिका पर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जवाब मांगा है। याचिका में वांगचुक की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया गया है।न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने, हालांकि सोनम वांगचुक को हिरासत में लिये जाने के कारणों के बारे में उनकी पत्नी को जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में आदेश देने से इनकार कर दिया और मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर तक स्थगित कर दी.

