
विधानसभाओं, जम्मू कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेशों में महिला आरक्षण लागू करने की अधिसूचना जारी
नयी दिल्ली: 17 अप्रैल (भाषा) केंद्र सरकार ने शुक्रवार को महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन को अधिसूचित कर दिया जिसके तहत विधानसभाओं, जम्मू कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेशों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर के लिए जारी एक अधिसूचना में कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2023 (2023 का 38) की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 17 अप्रैल 2026 को उस तिथि के रूप में निर्धारित करती है, जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान प्रभावी होंगे।’’
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक में परिसीमन संबंधी प्रावधान ‘लोकतंत्र पर हमला’ : विपक्षी नेताओं ने कहा
तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली: 16 अप्रैल (भाषा) केरल के विपक्षी नेताओं ने बृहस्पतिवार को संसद में पेश किये गये महिला आरक्षण संशोधन विधेयक में परिसीमन प्रावधानों पर अपनी आपत्तियों को दोहराते हुए इसे ‘‘लोकतंत्र पर हमला’’ करार दिया।कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन और भाकपा नेता एनी राजा समेत विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे संसद की वर्तमान संख्या में महिलाओं के लिए आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसकी आड़ में परिसीमन प्रावधानों को लाने के कदम को स्वीकार नहीं करेंगे।
जबरदस्ती माइक लगाकर बात करने की कोशिश गलत, मुख्यमंत्री
गुवाहाटी,(ईएमएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में पत्रकारों के कामकाज के तरीके और उनके व्यवहार पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एक विशेष बातचीत के दौरान जब उनसे चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों के साथ हुई तीखी नोकझोंक पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपना पक्ष रखा। सीएम सरमा ने कहा कि वह असम की जनता के गौरव का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए किसी भी पत्रकार का उनके साथ अपमानजनक ढंग से पेश आना उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया के कुछ पत्रकारों के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी बड़े संस्थान से जुड़े होने का मतलब यह नहीं है कि आप किसी राज्य के मुख्यमंत्री के पास जाकर अनियंत्रित तरीके से सवाल पूछें। उन्होंने मीडिया संस्थानों को सीधा संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी को उनका इंटरव्यू लेना है या कठिन सवाल पूछने हैं, तो उन्हें उचित प्रक्रिया और अपॉइंटमेंट के साथ आना चाहिए। उलेकिन चुनावी जनसभाओं या रैलियों के दौरान जबरदस्ती माइक लगाकर बात करने की कोशिश को उन्होंने गलत करार दिया।
मुख्यमंत्री ने परिसीमन विधेयक की प्रति जलाई, इसे ‘काला कानून’ बताया
चेन्नई/नामक्कल: 16 अप्रैल (भाषा)
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बृहस्पतिवार को परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाकर उसे ‘‘काला कानून’’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह विधेयक तमिल लोगों को उनकी अपनी ही भूमि में ‘‘शरणार्थी’’ बनाने का प्रयास है।
महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नेताओं ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण के लिए वर्षों से इंतजार करना पड़ा है। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली देश के संघीय और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर सकती है।लोकसभा में चर्चा करने और पारित करने के लिए बृहस्पतिवार को ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ तथा ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए गए।
शहडोल संभाग में हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार, अनूपपुर जिले ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया
शहडोल : बुधवार, अप्रैल 15, 2026,
माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा जारी कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025-26 में शहडोल संभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर परिणाम दर्ज किया हैं। वर्ष 2024-25 में शहडोल संभाग का परीक्षा परिणाम 78.54 प्रतिशत था। वर्ष 2025-26 के परीक्षा परिणाम में 7.83 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। शहडोल संभाग का वर्ष 2025-26 का परीक्षा परिणाम 86.37 प्रतिशत है। संभाग के अनूपपुर जिले ने कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अनूपपुर जिले का परीक्षा परिणाम 93.04 प्रतिशत है। जो पिछले वर्ष के 83.47 प्रतिशत से 9.57 प्रतिशत अधिक है। शहडोल जिले ने 85.75 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया है। जिसमें 2.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं उमरिया जिले का परिणाम 80.32 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 68.44 प्रतिशत से 11.88 प्रतिशत अधिक है, और उसे प्रदेश में 23वां स्थान मिला है। समग्र रूप से शहडोल संभाग का औसत परीक्षा परिणाम 86.37 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2024-25 के 78.54 प्रतिशत से 7.83 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और शिक्षा विभाग के सतत प्रयासों का परिणाम है। आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण शहडोल संभाग श्री उमेश धुर्वे एवं उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जेपी यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है तथा भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया है।

