
अब मानहानि के मुकदमे में कोई भी नुक्स निकाल कर सजा हो सकती है सूरत कोर्ट ने राजनीति की कुछ ऐसे ही सूरत बना दी है इसलिए हम उनके बारे में जब चर्चा करेंगे तो उनका नाम लेने से परहेज करेंगे. उन्होंने राजमाता(राजमाता सिंधिया नहीं राजमाता चौहान) को अपने घर में रखा ऐसी चर्चा जोरों पर है. चर्चा तो यह भी है कि उन्होंने मंत्री बिसाहूलाल के समय चर्चित ₹50 करोड़ रुपए खर्च करने का मूड भी बनाया है. उनका कहना है कि अगर सुहागपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक बनने के लिए 3 विधानसभा का ठेका मिल सकता है तो वह अनूपपुर जिले के सभी विधानसभा सीट पर खर्च करने को तैयार है. चर्चा तो यह भी है कि उन्होंने चार करोड़ हो गए इसकी अग्रिम में दिल्ली और भोपाल में पेश कर दिए हैं. अब सवाल यह है कि क्या कोतमा विधानसभा का चुनाव शहडोल संभाग का सबसे महंगा चुनाव साबित होगा….?
तो यह कहना भी गलत नहीं होगा कि कांग्रेसका जो प्रत्याशी होगा उसे भी खरीदा जा सकता है ताकि मुन्ना भाई एमएलए बन सके.उनके समर्थक तो उन्हें एमएलए नहीं बल्कि स्कूल शिक्षा मंत्री बनाने पर जोर लगा रहे. इस लिहाज से मुन्ना भाई एमएलए स्कूल शिक्षा मंत्री बन जाएंगी. ऐसे में ₹50 करोड़ रुपए खर्च करना कोई बड़ी बात नहीं है. तो सवाल यह है कि क्या ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स भविष्य के स्कूल शिक्षा मंत्री की तरफ देखेंगे….? अथवा वे भी अभी से सलामी ठोकने लगे हैं…? इसलिए क्योंकि मुन्ना भाई एमएलए गंगा स्नान करके एमएलए बनने वाले हैं ऐसी अफवाह भी जबरदस्त है की राजमाता को अमरकंटक यात्रा के दौरान ही बताया गया की एक और बड़ा तीर्थ कोतमा विधानसभा में है और इसलिए राजमाता उनके यहां विश्राम के लिए आई थी.
तो देखना पड़ेगा कि कोतमा विधानसभा में कौन मुन्ना भाई एमएलए बनकर मंत्री बनता है..? हमारी तो शुभकामनाएं सबके लिए चाहे वह एबीसीडी हो या फिर डीसीबीए हो अथवा डीपीसी हो क्या फर्क पड़ता है…? क्योंकि विधायक बनने के बाद कुछ लोग ट्रेन में छेड़खानी करते हैं तो कुछ लोगकुछ लोग मुंह में ताला लगा कर चुप रहना उचित समझते हैं…? बहरहाल अभी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है और चर्चा में इसलिए रहना चाहते हैं ताकि जब विधानसभा के चुनाव हो जाएं तो उनकी कर्तव्यनिष्ठा पर कोई प्रश्न खड़ा ना हो…
लेकिन विरोधी वर्ग साफ करते हैं की भलाई मुन्ना भाई कितनी भी अफवाह क्यों ना डालें उन्हें टिकट मिलने वाली नहीं किंतु मुन्ना भाई एमएलए बनने में किसी भी कीमत पर उतारू है उनका कहना है जब भी कोई भी एरा-गैरा नत्थू-खैरा विधायक बन जाते हैं तो वह प्रतिष्ठित मुन्ना भाई हैं… उनका कोई मुकाबला नहीं है, सिस्टम को खरीदने में उनका कोई सामी भी नहीं है ऐसे में तमाम उच्चतम योग्यता रखने के बाद भी वह अपात्र क्यों साबित होंगे…? देखना होगा कि आखिर कितने आईएएस मुन्ना भाई के साथ चुनाव लड़ने सामने आते हैं क्योंकि उनका दावा कुछ इस प्रकार का भी है कि चुनाव वह नहीं लड़ रहे हैं बल्कि उन्हें लड़ाया जा रहा है…? बहरहाल कुछ भी हो मुन्ना भाई के दावेदारी सेकुछ भी हो चुनाव रोचक हो सकता है अगर भाई एमएलए बनने के लिए उतरने वाला है>

