घरेलू उद्योग ‘‘सुनहरे अवसर’’ का लाभ उठाना चाहिए-मोदी/किसान की मीडिया से बातचीत, मर्यादा उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए-कांग्रेस

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नयी दिल्ली: 30 जुलाई समाचार एजेंसी भाषा के अनुसारप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि दुनिया भर के निवेशक उत्सुकता से भारत की ओर देख रहे हैं तथा घरेलू उद्योग को आगे आकर इस ‘‘सुनहरे अवसर’’ का लाभ उठाना चाहिए और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।‘विकसित भारत की ओर यात्रा’ विषय पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बजट-पश्चात सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं है और वह ‘‘राष्ट्र प्रथम दृष्टिकोण’’ को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय लेगीउन्होंने कहा कि भारत आठ प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है और वह दिन दूर नहीं जब देश विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की यह उपलब्धि उनके तीसरे कार्यकाल में हासिल कर ली जाएगी।

नयी दिल्ली: 30 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि पिछले सप्ताह संसद परिसर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद किसान नेताओं की मीडिया से बातचीत को मर्यादा का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए।सूत्रों के अनुसार, पार्टी के संगठन महासचिव और लोकसभा सदस्य केसी वेणुगोपाल ने बिरला को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक सदन में पेश किए जाने के समय कुछ अभिनेत्रियों तथा कुछ अन्य लोगों द्वारा संसद परिसर में मीडिया से बातचीत किए जाने की मिसाल भी दी।

वकील के रूप में नामांकित करने के लिए अत्यधिक शुल्क नहीं ले सकते

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि राज्य बार काउंसिल विधि स्नातकों को वकील के रूप में नामांकित करने के लिए अत्यधिक शुल्क नहीं ले सकते क्योंकि यह हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के खिलाफ प्रणालीगत भेदभाव को बढ़ावा देता है और कानूनी पेशे में उनकी भागीदारी को कम करता है।कुछ राज्य बार काउंसिल (एसबीसी) द्वारा लगभग 15,000 से लेकर 40,000 रुपये तक की अत्यधिक फीस वसूलना “मौलिक समानता के सिद्धांत के विपरीत” है, शीर्ष अदालत ने कहा, एसबीसी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) संसद द्वारा निर्धारित राजकोषीय नीति को “बदल या संशोधित” नहीं कर सकते।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि बार निकाय अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत शक्तियों के प्रतिनिधि हैं।

लोक परिसम्पत्तियों का प्रदेश की जनता के हित में बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जाये। इन्हें अतिक्रमण मुक्त कर इनका समुचित संधारण किया जायें।

भोपाल : मंगलवार, जुलाई 30,  जनजातीय कार्य, लोक परसिम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि प्रदेश में एवं प्रदेश के बाहर राज्य सरकार के स्वामित्व वाली लोक परिसम्पत्तियों का प्रदेश की जनता के हित में बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जाये। इन्हें अतिक्रमण मुक्त कर इनका समुचित संधारण किया जायें। यदि लोक परिसम्पत्तियों का निर्वर्तन किया जाना है, तो विधिवत प्रक्रिया एवं मापदण्डों का अक्षरश: पालन किया जाये। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन मंत्री डॉ. शाह ने विभागीय समीक्षा बैठक में इस आशय के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से प्राप्त सुझावों, निर्वर्तन प्रस्तावों एवं निर्धारित मूल्य के आधार पर निर्वर्तन प्रक्रिया अपनाई जाए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन श्री अनिरूद्ध मुखर्जी, उप सचिव श्री संजय कुमार जैन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा उज्जैन जिले की मेसर्स नरेश जिनिंग मिल में प्रचलित न्यायालयीन प्रकरण के निपटान के लिये जिला प्रशासन उज्जैन द्वारा अनावेदक मेसर्स नरेश जिनिंग मिल को न्यायिक प्रक्रिया का पालन कर 03 अप्रैल 2024 को बेदखली आदेश पारित कर कब्जा लेने की कार्यवाही पूरी कर ली गई है। गणेश जिनिंग मिल पर स्वामित्व संबंधी लंबित न्यायालयीन प्रकरण के चलते सम्पूर्ण क्षेत्रफल पर कई वर्षों तक अतिक्रमण काबिज था। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों से कुल 331408 वर्गफीट भूमि में से 299617 वर्गफीट भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। अतिक्रमण मुक्त 299617 वर्गफीट भूमि का गाईड लाईन अनुसार आंकलित मूल्य 66 करोड़ 81 लाख रूपये है। इसी प्रकार जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः शासन में वैष्ठित किये जाने के विरुद्ध उच्च न्यायालय में दायर याचिका में विभागीय हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद त्वरित जवाब-दावा प्रस्तुत करने के लिये कलेक्टर जबलपुर से समन्वय कर यह परिसम्पति पुन: राज्य शासन को वापस दिलाई गई। लोक परिसम्पत्तियों के निर्वर्तन से 141 करोड़ 73 लाख रूपये का राजस्व संग्रहण किया गया।

 


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