
लद्दाख
प्रशासन ने एक बार फिर साफ किया है कि लेह हिंसा के बाद सोनम वांगचुक व अन्य पर कार्रवाई के लिए प्रशासन के पास पुख्ता सुबूत हैं। यहां बता दें कि सोनम वांगचुक की पत्नी और कुछ अन्य लोग प्रशासन द्वारा सोनम वांगचुक की संस्थाओं पर कार्रवाई को बदले की कार्रवाई करार दे रहे थे। साथ ही कहा कि आरोपों की जानकारी उनको पहले ही दी गई है।जागरण संवाददाता, के अनुसार लद्दाख प्रशासन ने एक बार फिर साफ किया है कि लेह हिंसा के बाद सोनम वांगचुक व अन्य पर कार्रवाई के लिए प्रशासन के पास पुख्ता सुबूत हैं। यहां बता दें कि सोनम वांगचुक की पत्नी और कुछ अन्य लोग प्रशासन द्वारा सोनम वांगचुक की संस्थाओं पर कार्रवाई को बदले की कार्रवाई करार दे रहे थे। साथ ही कहा कि आरोपों की जानकारी उनको पहले ही दी गई है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सामाजिक समरसता को सदैव प्राथमिकता दी है।” कहा कि 2047 में भारत दर्शन और विज्ञान, सेवा और सामाजिक समरसता से निर्मित एक गौरवशाली राष्ट्र होगा। उन्होंने कहा कि यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजन, सभी स्वयंसेवकों का सामूहिक प्रयास और उनका दृढ़ संकल्प है। उन्होंने राष्ट्र
को स्मरण कराया कि संघ राष्ट्र के प्रति अटूट आस्था पर आधारित है, सेवा की गहन भावना से प्रेरित है, त्याग और तपस्या की
अग्नि में तपता है, मूल्यों और अनुशासन से परिष्कृत है और राष्ट्रीय कर्तव्य को जीवन का सर्वोच्च कर्तव्य मानकर अडिग है। उन्होंने कहा कि संघ भारत माता की सेवा के महान स्वप्न से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है।उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की चुनौतियों में दूसरे देशों पर आर्थिक निर्भरता, राष्ट्रीय एकता को तोड़ने की साजिशें और जनसांख्यिकीय हेरफेर शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा तीन आधारभूत स्तंभों- राष्ट्र निर्माण की भव्य परिकल्पना, वैयक्तिक विकास का स्पष्ट मार्ग और शाखाओं के रूप में सरल किन्तु गतिशील कार्य पद्धति- पर आधारित रही है
। उन्होंने घोषणा की कि संघ की गौरवशाली 100 वर्ष की यात्रा के उपलक्ष्य में भारत सरकार ने एक विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी
कियास्वतंत्र भारत के इतिहास में संभवतः यह पहली बार है, जब भारत माता की छवि भारतीय मुद्रा पर दिखाई दी है। उन्होंने
कहा कि सिक्के पर संघ का मार्गदर्शक आदर्श वाक्य- “राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय, इदं न मम” भी अंकित है उन्होंने कहा कि इस युग में संघ उस शाश्वत राष्ट्रीय चेतना का एक सद्गुणी अवतार है।
श्री मोदी ने कहा, “संघ का आदर्श भारतीय संस्कृति की जड़ों को गहरा और सुदृढ़ करना है। इसका प्रयास समाज में आत्मविश्वास और गौरव का संचार करना है। इसका लक्ष्य प्रत्येक हृदय में जनसेवा की ज्योति प्रज्वलित करना है। इसका विजन भारतीय समाज को सामाजिक न्याय का प्रतीक बनाना है। इसका मिशन वैश्विक मंच पर भारत की आवाज को बुलंद करना है।
देश भर में सिविल क्षेत्र के अंतर्गत 57 नए केंद्रीय विद्यालय
सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देश भर में सिविल क्षेत्र के अंतर्गत 57 नए केंद्रीय विद्यालय (केवी) खोलने को मंजूरी दे दी है। 57 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए निधियों की कुल अनुमानित आवश्यकता 5862.55 करोड़ रुपये (लगभग) है, जो 2026-27 से नौ वर्षों की अवधि को कवर करती है। इसमें 2585.52 करोड़ रुपये (लगभग) का पूंजीगत व्यय और 3277.03 करोड़ रुपये (लगभग) का परिचालन व्यय शामिल है। उल्लेखनीय है कि पहली बार इन 57 केंद्रीय विद्यालयों को बाल वाटिका, यानी बुनियादी चरण (प्री-प्राइमरी) के 3 वर्षों के साथ मंजूरी दी गई है।
2023 में दहेज के मामलों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई : एनसीआरबी रिपोर्ट
नयी दिल्ली: एक अक्टूबर (भाषा) दहेज संबंधी अपराधों के तहत दर्ज मामलों में 2023 में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।रिपोर्ट के अनुसार 2023 में देशभर में दहेज संबंधी 15,000 से अधिक मामले दर्ज किये गये और 6,100 से अधिक महिलाओं की मौत हुईं।
‘संदूषित’ खांसी रोधी सिरप से मौत: एनसीडीसी ने दवाओं के नमूने लिये
नयी दिल्ली: एक अक्टूबर (भाषा) बीमारियों की निगरानी करने वाली सरकार की नोडल एजेंसी ‘राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र’ (एनडीसी) ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के अस्पतालों और अन्य स्थानों से दवाओं के नमूने एकत्र किये हैं।इन अस्पतालों में कथित तौर पर ‘संदूषित’ खांसी रोधी सिरप की वजह से कई बच्चों के गुर्दे खराब हुए और उनकी मौत हो गई।
अगर नोबेल पुरस्कार मुझे नहीं मिला तो यह अमेरिका के लिए बड़े अपमान की बात होगी: ट्रंप
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: एक अक्टूबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सात वैश्विक संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है, इसके बावजूद अगर नोबेल पुरस्कार उन्हें नहीं दिया जाता है तो यह अमेरिका के लिए ‘‘बड़े अपमान की बात’’ होगी।

