
दुनिया भर में भारतीय मिशन ने महात्मा गांधी की 156वीं जयंती मनाई
मॉस्को/बीजिंग: दो अक्टूबर (भाषा) रूस, चीन, पाकिस्तान और कई अन्य देशों में भारतीय मिशन ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी की 156वीं जयंती उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करके मनाई और शांति एवं अहिंसा के उनके सार्वभौमिक संदेश की स्थायी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने रूस की राजधानी मॉस्को के रामेनकी रेयान पार्क में गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। रूस के अधिकारी और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आज भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी की सत्य, अहिंसा और नैतिक साहस की चिरस्थायी विरासत का उल्लेख किया, जो दुनिया भर की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है।उन्होंने एक विकसित और समावेशी भारत की ओर सामूहिक यात्रा में मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में गांधीजी के आदर्शों के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता व्यक्त की।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा:”गांधी जयंती प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी।उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान परिवर्तन के साधन बन सकते हैं। वे सेवा और करुणा की शक्ति को लोगों को सशक्त बनाने के आवश्यक साधन मानते थे। हम एक विकसित भारत के निर्माण के अपने प्रयास में उनके बताए मार्ग पर चलते रहेंगे।”
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किए गए एक संदेश में कहा:“श्री लाल बहादुर शास्त्री जी एक असाधारण राजनेता थे जिनकी निष्ठा, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत को मजबूत बनाया।उन्होंने अनुकरणीय नेतृत्व, शक्ति और निर्णायक कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया। ‘जय जवान जय किसान’ के उनके आह्वान ने हमारे लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई। वे हमें एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रयास में प्रेरित करते रहेंगे।”प्रधानमंत्री ने कहा:“विजयादशमी बुराई और असत्य पर अच्छाई और सत्य की विजय का प्रतीक है। मेरी कामना है कि इस पावन अवसर पर हर किसी को साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा मिले।
प्रधान न्यायाधीश गवई ने मॉरीशस में गांधी जयंती समारोह में हिस्सा लिया
नयी दिल्ली: दो अक्टूबर (भाषा) प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई ने बृहस्पतिवार को मॉरीशस के महात्मा गांधी संस्थान में गांधी जयंती समारोह में हिस्सा लिया।एक विज्ञप्ति के मुताबिक, मॉरीशस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा कर रहे न्यायमूर्ति गवई ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
गोवा कांग्रेस प्रमुख ने RSS-महात्मा गांधी की ‘हत्या’ से जुड़े विवाद को हवा दी
पणजी: (2 अक्टूबर) गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने गुरुवार को एक विवादास्पद बयान देते हुए आरोप लगाया कि 2 अक्टूबर को भाजपा उस संगठन की शताब्दी मना रही है जिसने महात्मा गांधी की “हत्या” की थी। सत्तारूढ़ पार्टी ने इस बयान को बेशर्मी भरा झूठ बताते हुए खारिज कर दिया और उनसे माफ़ी मांगने की मांग की।उन्होंने आगे दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के होठों पर महात्मा गांधी और दिल में राष्ट्रपिता के हत्यारे नाथूराम गोडसे हैं।पणजी में पत्रकारों से बात करते हुए, गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) प्रमुख ने कहा, “आज 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी की जयंती) है। भाजपा कहती है कि हम गांधीजी की विचारधारा और उपदेशों का पालन करेंगे। लेकिन भाजपा उस संगठन की 100वीं वर्षगांठ मना रही है जिसने महात्मा गांधी की हत्या की थी।”(PTI)
मध्य प्रदेश में राज्य प्रायोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रमों की परंपरा शुरू की : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
इंदौर: (2 अक्टूबर) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को भारतीय सशस्त्र बलों की शक्ति का प्रदर्शन किया और कहा कि वे दुश्मनों के किसी भी प्रकार के आक्रमण का मुकाबला करने में सक्षम हैं।विजयदशमी के अवसर पर, यादव ने पुलिस लाइन में देवी महाकाली के चित्र के चारों ओर प्रदर्शित शस्त्रों की पूजा की। इस दौरान पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया और देवी दुर्गा की आरती गाई। उन्होंने इस अवसर पर कन्या पूजन भी किया।यादव ने कहा, “शक्ति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता प्राचीन काल से रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, हमने विजयदशमी पर पूरे मध्य प्रदेश में राज्य प्रायोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रमों की परंपरा शुरू की है।”
मानेसर में ‘नमो वन’

