
दिल्ली के चांदनी चौक के पास जोरदार धमाका
दिल्ली, 10 नवंबर 2025 –
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के बिल्कुल करीब, चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास शाम करीब 6:45 बजे एक कार में जबरदस्त धमाका हुआ। यह इलाका चांदनी चौक के व्यस्त बाजार से महज कुछ सौ मीटर दूर है, जहां रोजाना हजारों लोग शॉपिंग और पर्यटन के लिए उमड़ते हैं। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि 200-300 मीटर दूर तक महसूस की गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धुएं का गुबार उठा और आसपास की दुकानों के शीशे तक टूट गए। लाल किला मेट्रो स्टेशन (चांदनी चौक मेट्रो) गेट नंबर 1 के पास पार्किंग एरिया। यह चांदनी चौक के लाजपत राय मार्केट से सटा हुआ है। धमाके से प्रभावित कार के अलावा पास की 3-4 अन्य गाड़ियों में आग लग गई। धमाके के परखच्चे उड़ गए और धुआं दूर तक फैल गया। लाजपत राय मार्केट की दुकानों के दरवाजे-खिड़कियां हिल गईं।
हताहत: प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई लोग घायल हुए हैं। कुछ स्रोतों में एक व्यक्ति की मौत की आशंका जताई गई है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भेजा जा रहा हैदिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। स्पेशल सेल और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है। इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
संभावित कारण:
जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह CNG लीक या गैस सिलेंडर फटने से हो सकता है। आतंकी हमले की कोई पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल रही हैं। आज ही फरीदाबाद में RDX बरामद होने की खबर के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
सोशल मीडिया
X (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें धमाके के बाद उठते धुएं और भागते लोगों के दृश्य दिख रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “भूकंप जैसे झटके महसूस हुए, चांदनी चौक में खरीदारी कर रहे थे तो दहशत फैल गई।” एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “कई दशक बाद दिल्ली दहली है, इंटेलिजेंस को सतर्क रहना चाहिए।”
एसआईआर ‘वोटबंदी’ की कवायद तुरंत रोकी जानी चाहिए: ममता
कोलकाता: (10 नवंबर)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को “वोटबंदी” करार दिया और चुनाव आयोग से इस कवायद को तुरंत रोकने का आग्रह किया।केंद्र पर “एसआईआर के नाम पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को महीनों तक रोके रखने” का आरोप लगाते हुए, बनर्जी ने केंद्र सरकार पर “सुपर इमरजेंसी” जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया।बनर्जी ने दावा किया, “राज्य के कर्मचारियों को अगले साल फरवरी तक रोके रखा जा रहा है, जब अंतिम मतदाता सूचियाँ प्रकाशित होंगी। उसके बाद चुनावों की घोषणा की जाएगी। राज्य सरकार कब काम करेगी? यह सरकार को तीन महीने तक निष्क्रिय रखने की एक सोची-समझी चाल है। यह एसआईआर की आड़ में लागू किया गया सुपर इमरजेंसी जैसा है।”
21 वर्षीय खुशी कीभोपाल में मौत
भोपाल: 10 नवंबर (भाषा) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के भैंसाखेड़ी इलाके के एक अस्पताल में सोमवार सुबह 21 वर्षीय मॉडल की मौत हो गई।बैरागढ़ के सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य राज सिंह ने बताया कि खुशबू अहिरवार उर्फ खुशी वर्मा को उसका दोस्त और एक बस कंडक्टर अस्पताल में दाखिल कराने के लिए लाए थे। हालांकि औपचारिक रूप से मॉडल को भर्ती किए जाने से पहले वे उसे वहां छोड़कर चले गए।
अमित शाह ने कहा कि हमने सहकारिता मंत्रालय के लिए 4 लक्ष्य तय किए हैं – जेनरेशन सहकार का विकास, यानी, हमारी युवा पीढ़ी को सहकारिता के साथ जोड़ना और इसके लिए त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी बनाई है जो सहकारिता क्षेत्र की हर प्रकार की ज़रूरतों को पूरा करेगी। हर प्रकार की चुनौतियों का सामना कर पाने वाली सहकारी समितियों को भी तैयार करने का लक्ष्य हमने रखा है। हमने 2 लाख से अधिक आबादी वाले हर शहर में 5 साल में एक अर्बन सहकारी बैंक बनाने का लक्ष्य भी रखा है। श्री शाह ने कहा कि अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों को अपना कोर काम मल्टी-सेक्टर अप्रोच के साथ देश के युवा उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और कमजोर तबके के लोगों के सशक्तिकरण के लिए करना होगा। हमारा लक्ष्य कोऑपरेटिव को मजबूत करने के साथ-साथ कमजोर तबके के लोगों को भी म़जबूत करना है और अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के सिवा यह काम कोई और नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से कमजोर व्यक्ति का सशक्तीकरण करना भी हमारा लक्ष्य होना चाहिए।केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमने पिछले 2 साल में Non-Performing Assets (NPA) को 2.8 प्रतिशत से घटाकर 0.06 प्रतिशत करने में सफलता प्राप्त की है। इसके साथ ही हमें operations के स्तर में सुधार करना होगा और financial discipline में आए सुधार को भी आगे बढ़ाना होगा। हर शहर में एक अर्बन कोऑपरेटिव बैंक बनाना तभी संभव है जब हम कोऑपरेटिव सोसायटी को बैंक में परिवर्तित करने का प्रयास करें।
निर्वाचन आयोग ने बिहार के मतदाताओं के साथ न्याय नहीं किया: शिवकुमार
नयी दिल्ली: 10 नवंबर (भाषा) कांग्रेस नेता और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने बिहार के मतदाताओं के साथ न्याय नहीं किया है क्योंकि उसने बड़ी संख्या में गरीब मतदाताओं और राज्य के बाहर नौकरी कर रहे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।उन्होंने दावा किया कि आयोग ने खुद यह स्वीकार किया है कि ‘‘कुछ न कुछ गड़बड़’’ हुई , जिसके बाद वह मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कर रहा है।

